पवन हंस हेलिकॉप्टर क्रैश लैंडिंग, पायलट की सूझबूझ से बचीं 7 जिंदगियां बीच समंदर में कराया लैंड
Pawan Hans Helicopter Crash Andaman: अंडमान में तकनीकी खराबी के बाद पवन हंस हेलिकॉप्टर की समंदर में क्रैश लैंडिंग कराई गई। पायलट की सूझबूझ से सभी 7 लोग सुरक्षित बचाए गए।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
पवन हंस हेलिकॉप्टर की समंदर में क्रैश लैंडिंग, फोटो- सोशल मीडिया
Pawan Hans Helicopter Crash: अंडमान के समंदर में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पोर्ट ब्लेयर से मायाबंदर जा रहा पवन हंस का एक हेलिकॉप्टर तकनीकी खराबी का शिकार होकर समंदर में जा गिरा। हालांकि, पायलट की मुस्तैदी के कारण विमान में सवार सभी सात लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे पवन हंस के एक हेलिकॉप्टर ने पोर्ट ब्लेयर से मायाबंदर के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद पायलट को हेलिकॉप्टर में गंभीर तकनीकी खामी महसूस हुई। घनी आबादी या जंगल में उतरने के बजाय पायलट ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए अंडमान सागर के पानी में ही ‘क्रैश लैंडिंग’ कराने का फैसला किया। यह फैसला सही साबित हुआ और हेलिकॉप्टर के समंदर में गिरते ही तुरंत बचाव दल मौके पर पहुँच गया।
बाल-बाल बचे यात्री और क्रू
पवन हंस के प्रवक्ता के अनुसार, इस हेलिकॉप्टर में दो क्रू मेंबर्स और पांच यात्रियों समेत कुल सात लोग सवार थे। क्रैश लैंडिंग के बाद सभी सातों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना में कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं, लेकिन कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है। इसे पायलट की कुशलता माना जा रहा है कि उसने ‘शॉर्ट लैंडिंग’ को एक सुरक्षित बचाव अभियान में बदल दिया।
सम्बंधित ख़बरें
मिशन से फैशन बनी पत्रकारिता: ‘उदंत मार्तंड’ से डिजिटल युग तक के सफर का विश्लेषण, पढ़ें ये खास लेख
Hair Fall Problem: क्या एसिडिटी की वजह से भी झड़ सकते हैं बाल? जानिए इसके पीछे की सच्चाई
BYJU’S के संस्थापक रवींद्रन को सिंगापुर में जेल, 22 बिलियन डॉलर से दिवालियापन तक का सफर, जानें पूरा मामला
बेंगलुरु में इबोला की दस्तक! युगांडा से भारत आई महिला में मिले संदिग्ध लक्षण, जांच के लिए पुणे भेजा गया सैंपल
दुर्गम इलाकों की लाइफलाइन है पवन हंस
पवन हंस भारत की सबसे बड़ी सरकारी हेलिकॉप्टर कंपनी है, जिसकी स्थापना 1985 में की गई थी। इस कंपनी का मुख्य उद्देश्य देश के उन दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों को जोड़ना है जहां बड़े विमान नहीं पहुंच सकते। बड़े राजनेता और वीआईपी भी अक्सर अपनी यात्राओं के लिए पवन हंस की सेवाओं का उपयोग करते हैं। हालांकि, हाल के वर्षों में तकनीकी रखरखाव और सुरक्षा मानकों को लेकर कंपनी चर्चाओं में रही है।
यह भी पढ़ें: झारखंड हादसे में सभी ने गंवाई जान, उड़ान के 23 मिनट बाद रडार से हुआ था गायब, खराब मौसम बना कारण!
विमान हादसों की लगती कतार
पवन हंस की यह घटना अकेले नहीं है। पिछले कुछ दिनों में भारतीय उड्डयन क्षेत्र से डराने वाली कई खबरें सामने आई हैं:
- चतरा एयर एंबुलेंस हादसा: महज एक दिन पहले, सोमवार को झारखंड के चतरा में रांची से दिल्ली जा रहा एक एयर एंबुलेंस क्रैश हो गया, जिसमें मरीज और डॉक्टर समेत 7 लोगों की मौत हो गई।
- बारामती हादसा: पिछले महीने 28 तारीख को बारामती में हुए एक विमान हादसे में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अजित पवार और पायलटों की जान चली गई थी, जिसकी अब सीबीआई जांच की मांग हो रही है।
- तेजस की ग्राउंडिंग: तकनीकी खराबियों के चलते वायुसेना ने अपने स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस के पूरे बेड़े की जांच शुरू कर दी है।
- स्पाइसजेट इमरजेंसी लैंडिंग: लेह जा रही स्पाइसजेट की एक फ्लाइट का इंजन फेल होने के कारण दिल्ली में उसकी इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी, जिसमें 150 यात्री सवार थे।
