पवन हंस हेलिकॉप्टर की समंदर में क्रैश लैंडिंग, फोटो- सोशल मीडिया
Pawan Hans Helicopter Crash: अंडमान के समंदर में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पोर्ट ब्लेयर से मायाबंदर जा रहा पवन हंस का एक हेलिकॉप्टर तकनीकी खराबी का शिकार होकर समंदर में जा गिरा। हालांकि, पायलट की मुस्तैदी के कारण विमान में सवार सभी सात लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे पवन हंस के एक हेलिकॉप्टर ने पोर्ट ब्लेयर से मायाबंदर के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद पायलट को हेलिकॉप्टर में गंभीर तकनीकी खामी महसूस हुई। घनी आबादी या जंगल में उतरने के बजाय पायलट ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए अंडमान सागर के पानी में ही ‘क्रैश लैंडिंग’ कराने का फैसला किया। यह फैसला सही साबित हुआ और हेलिकॉप्टर के समंदर में गिरते ही तुरंत बचाव दल मौके पर पहुँच गया।
पवन हंस के प्रवक्ता के अनुसार, इस हेलिकॉप्टर में दो क्रू मेंबर्स और पांच यात्रियों समेत कुल सात लोग सवार थे। क्रैश लैंडिंग के बाद सभी सातों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना में कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं, लेकिन कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है। इसे पायलट की कुशलता माना जा रहा है कि उसने ‘शॉर्ट लैंडिंग’ को एक सुरक्षित बचाव अभियान में बदल दिया।
पवन हंस भारत की सबसे बड़ी सरकारी हेलिकॉप्टर कंपनी है, जिसकी स्थापना 1985 में की गई थी। इस कंपनी का मुख्य उद्देश्य देश के उन दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों को जोड़ना है जहां बड़े विमान नहीं पहुंच सकते। बड़े राजनेता और वीआईपी भी अक्सर अपनी यात्राओं के लिए पवन हंस की सेवाओं का उपयोग करते हैं। हालांकि, हाल के वर्षों में तकनीकी रखरखाव और सुरक्षा मानकों को लेकर कंपनी चर्चाओं में रही है।
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पवन हंस की यह घटना अकेले नहीं है। पिछले कुछ दिनों में भारतीय उड्डयन क्षेत्र से डराने वाली कई खबरें सामने आई हैं: