'पप्पू-कन्हैया को हैसियत बताई गई', बृजभूषण ने डाला आग में घी, बोले- रणनीति है

Brij Bhushan Sharan Singh: 'बिहार बंद' के दौरान पप्पू यादव और कन्हैया कुमार को राहुल गांधी की गाड़ी पर चढ़ने से रोका गया था। इसे लेकर पूर्व सांसद और भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने प्रतिक्रिया दी है।
Brij Bhushan Sharan Singh
बृजभूषण शरण सिंह (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Brij Bhushan Sharan Singh: भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने पप्पू यादव और कन्हैया कुमार को राहुल गांधी की गाड़ी पर चढ़ने से रोकने के मामले पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह एक सोची-समझी रणनीति थी।  बृजभूषण शरण सिंह ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा और बिहार में उनकी हार निश्चित बताई।

दरअसल, 'बिहार बंद' के दौरान पप्पू यादव और कन्हैया कुमार को राहुल गांधी की गाड़ी पर चढ़ने से रोका गया था। इसे लेकर कैसरगंज के पूर्व सांसद और भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उनका मानना है कि दोनों नेताओं को हार का ठीकरा फोड़ने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

क्या बोले बृजभूषण शरण सिंह?

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि पप्पू यादव और कन्हैया कुमार को धक्का इसलिए दिया गया ताकि हार का दोष उन पर डाला जा सके। उन्होंने कहा कि यह कहा जा सके कि वे भी हार के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने पप्पू यादव के बारे में कहा कि उनकी एक-दो लोकसभा सीटों पर पकड़ मजबूत है। वहीं, कन्हैया कुमार को उन्होंने "टुकड़े-टुकड़े गैंग" का बताया। जानबूझकर पप्पू यादव और कन्हैया कुमार को उनकी हैसियत दिखाई गई। बृजभूषण शरण सिंह ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दोनों "राज परिवार" से आते हैं। उनके अनुसार, एक नेता खुद को हिंदुस्तान का राजा मानता है, तो दूसरा बिहार का। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे में वे बिहार में कन्हैया कुमार और पप्पू यादव को क्यों आगे बढ़ने देंगे?

'राहुल -तेजस्वी हार मान चुके हैं'

राहुल गांधी पर हमला करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ही राहुल गांधी और तेजस्वी यादव हार मान चुके हैं। इसलिए वे अभी से भाजपा और नीतीश कुमार पर आरोप लगाने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने दावे के साथ कहा कि बिहार में उनकी हार तय है। इसी वजह से उन्होंने पहले से ही चुनाव आयोग पर आरोप लगाना शुरू कर दिया है।

बिहार में चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण पर भी बृजभूषण शरण सिंह ने बात की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का परीक्षण हर चुनाव से पहले होता है। यह देखा जाता है कि कितने लोगों की मृत्यु हुई है और कितने नए नाम जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई नई प्रक्रिया नहीं है और यह पूरे देश में होता है।

विपक्ष इस मुद्दे को इसलिए उठा रहा है क्योंकि उन्हें पता है कि भाजपा और नीतीश कुमार के नेतृत्व में उनकी सरकार बनने जा रही है। इसलिए वे अभी से नुकसान को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। इसे डैमेज कंट्रोल कहा जाता है। बृजभूषण शरण सिंह ने आगे कहा कि उन्हें राहुल गांधी पर बात करने में भी शर्म आती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के सामने "चुनाव आयोग मुर्दाबाद" जैसे नारे लगते हैं।

बृजभूषण शरण सिंह के इस बयान से बिहार की राजनीति में गर्मी आ गई है। उनके बयान पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। विपक्ष उनके आरोपों को निराधार बता रहा है, वहीं भाजपा उनके बयान का समर्थन कर रही है। अब देखना यह है कि इस बयान का बिहार के चुनाव पर क्या असर पड़ता है।

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