संसद इतिहास का दुर्लभ फैसला: ओम बिरला ने जगदंबिका पाल की टिप्पणी पर लिया एक्शन, रिकॉर्ड से हटाया विवादित बयान

Lok Sabha Om Birla Decision: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने दुर्लभ फैसला लेते हुए भाजपा सांसद जगदंबिका पाल की कुछ टिप्पणियों को सदन की कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटाया। संसद में हंगामा जारी रहा।
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ओम बिरला और जगदंबिका पाल सौजन्य-IANS
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Om Birla Decision on Jagdambika Pal: संसद में विपक्ष का भारी हंगामा जारी है। इस बीच संसद के इतिहास में एक दुर्लभ फैसला सामने आया, दो पहले कभी नहीं हुआ। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने एक दुर्लभ फैसला लेते हुए पीठासीन अधिकारी रहे भाजपा सांसद जगदंबिका पाल की कुछ टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटा दिया। इस बीच, संसद में कई मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दलों के बीच हंगामा हुआ।

ओम बिरला ने लिया बड़ा फैसला

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मामला 'बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026' पास होने से पहले का है। 'बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026' पास होने से पहले लोकसभा की कार्यवाही के दौरान पीठासीन अधिकारी के तौर पर भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कुछ टिप्पणियां की थीं। इन टिप्पणीयों को लोकसभा के रिकॉर्ड से हटा दिया गया। यह कार्रवाई लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने की।

जगदंबिका पाल ने सपा और कांग्रेस पर की थी टिप्पणी

मिली जानकारी के अनुसार, जगदंबिका पाल ने समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा और कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल के बारे में कुछ टिप्पणी की थी। सपा सांसद और केसी वेणुगोपाल जंतर-मंतर में छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई का विरोध कर रहे थे।

जगदंबिका पाल ने एसपी सांसद को कार्यवाही में बाधा डालने के लिए टोकते हुए ये टिप्पणियां की थीं। वेणुगोपाल के खिलाफ हटाई गई टिप्पणियां भी पाल ने इसी संदर्भ में की थीं। बताया जा रहा है कि कांग्रेस सांसदों ने जगदंबिका पाल की 'राजनीतिक टिप्पणियों' पर आपत्ति जताते हुए स्पीकर ओम बिरला से शिकायत की थी।

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संसद में हंगामे के चलते कार्यवाही स्थगित

संसद के मानसून सत्र में गतिरोध लगातार जारी है। गुरुवार को भी लोकसभा की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई। स्पीकर ओम बिरला के बार-बार शांति बनाए रखने की अपील के बावजूद विपक्ष के नारेबाजी और प्रदर्शन नहीं रुके, जिसके बाद सदन को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। विपक्षी सांसद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में बयान की मांग कर रहे हैं।

साथ ही राम मंदिर चढ़ावा मामले के आरोप का मुद्दा भी उठाया जा रहा है। हंगामे के कारण प्रश्नकाल एक भी दिन ठीक से नहीं चल पाया है। इस वजह से सत्र शुरू होने से अब तक जरूरी सरकारी कामकाज ठप पड़ा है। स्पीकर ओम बिरला ने कई बार विपक्ष से सदन चलाने देने की अपील की, लेकिन उन्हें कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

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