Mehbooba Mufti, OIC Logo (Designed Image)
Mehbooba Mufti On OIC: जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी जीफ महबूबा मुफ्ती ने अंतर्राष्ट्रीय इस्लामिक संगठन (OIC) पर हमला बोला है। उन्होंने ईरान पर हुए हमले पर ओआईसी की चुप्पी का जिक्र करते हुए नाराजगी जाहिर की है। महबूबा ने कहा है कि इस संगठन ने मुसलमानों के साथ दगाबाजी की है।
दरअसल, ओआईसी ने अब तक ईरान पर हुए हमले को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और ना ही उसने इस अमेरिका और इजरायल के अटैक की निंदा की है। इसी वजह से महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और ओआईसी की निंदा की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ओआईसी के ओफिशियल अकाउंट को टैग करते हुए महबूबा मुफ्ती ने लिखा कि यह बेहद चिंताजनक है कि अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान की संप्रभुता पर खुलेआम आक्रमण किए जाने पर ओआईसी मूक दर्शक बना हुआ है। ईरान के सर्वोच्च नेता की शहादत पर उसकी चुप्पी और ईरान पर दोष मढ़ने का प्रयास न केवल चिंताजनक है, बल्कि शर्मनाक भी है।
It is deeply disturbing that the OIC stands as a mute spectator while America and Israel commit blatant aggression against the sovereignty of Iran. Its silence on the martyrdom of Iran’s Supreme Leader, and its attempt to shift blame onto Iran, is not only alarming but… — Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) March 3, 2026
उन्होंने आगे कहा कि ईरान पर हुए इस दुस्साहसी हमले की निंदा करने के बजाय, उसने चुप्पी साध रखी है और एपस्टीन गिरोह के कृत्यों का परोक्ष रूप से समर्थन कर रहा है। यह मुस्लिम उम्माह की सामूहिक अंतरात्मा और हितों के साथ घोर विश्वासघात है।
जैसे ही ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आई वैसे ही जम्मू-कश्मीर में हालात तनावपूर्ण हो गए, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कश्मीर घाटी के शिया बहुल इलाकों में सैकड़ों प्रदर्शनकारी जमा हुए। उन्होंने सड़कों पर मार्च किया और अमेरिका और इजराइल के विरोध में नारेबाजी की। कुछ क्षेत्रों में सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्के बल का प्रयोग भी किया।
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इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध का आज यानी मंगलवार को चौथा दिन गो गया है। यह युद्ध दिन ब दिन और भी ज्यादा घातक होते जा रहा है। ईरान पर हो रहे हमलों का ईरान भी मजबूती से जवाब दे रहा है। ईरान ने अपने सुप्रीम लीडर आमेनेई की हत्या का बदला लेने के लिए पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और संकट बढ़ा दिया है।