

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा (Ram Mandir Pran Pratishata) की तैयारियां जोरों-शोरों से शुरू है। राम मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी को होना है। इसे लेकर देश में भारी उत्साह है। देश भर के कई इलाकों में हिंदूवादी संगठन अलग-अलग यात्राएं निकाल रहे हैं। ऐसी ही एक जन जागरण यात्रा रविवार को दिल्ली में निकाली गई, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से निष्कासित प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने भाग लिया।
हालांकि, यह पहला मौका नहीं है जब नूपुर शर्मा सार्वजनिक रूप से सामने आई हों। वह पिछले साल सितंबर में विवेक अग्निहोत्री की फिल्म 'द वैक्सीन वॉर' देखने गईं और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के वैज्ञानिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "मुझे बस आप सभी को धन्यवाद देना है। आप सभी के कारण हम भारतीय आज भी जीवित हैं। मैं अपने दिल की गहराइयों से आपको धन्यवाद देती हूं।"
वहीं, नूपुर विकास पांडे के साथ भी नजर आई थीं। पांडे ने 2022 में अपनी साहसी बहन और दोस्त पर गर्व व्यक्त करते हुए एक नोट के साथ सोशल मीडिया पर उनके साथ एक तस्वीर पोस्ट की थी। विकास एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर और सोशल मीडिया पर्सनैलिटी हैं, जो आई सपोर्ट नमो नाम का एक पेज चलाते हैं।
गौरतलब है कि नूपुर शर्मा ने न्यूज चैनल पर काशी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद के मुद्दे पर बहस के दौरान शिवलिंग को फव्वारा बताने वाले इस्लामवादी तस्लीम अहमद रहमानी की आलोचना की थी। उन्होंने ने कथित तौर पर कहा था कि यदि लोग लगातार ऐसे ही हिंदू धर्म और उनकी आस्था का मजाक उड़ाते रहेंगे तो वो भी इस्लाम के ऊपर मज़ाक उड़ा सकती है। उन्होंने इस दौरान पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी कर दी। जिसके बाद से ही मुस्लिम संगठनों का विरोध शुरू हो गया।
नूपुर शर्मा की टिप्पणी के चलते देश भर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और दंगे हुए। मुस्लिमों ने "गुस्ताख-ए-रसूल की एक ही सजा, सर तन से जुदा" जैसे जानलेवा नारे लगाए। इस दौरान नूपुर शर्मा को जान से मारने की धमकी भी मिली थी। साथ ही उनके खिलाफ देश के अलग-अलग जगहों पर एफआईआर भी दर्ज की गईं। चरमपंथियों ने नूपुर का समर्थन करने पर राजस्थान के उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल और महाराष्ट्र के अमरावती में केमिस्ट उमेश कोल्हे की हत्या कर दी थी।