नहीं कम होगा नीतीश कुमार का रूतबा! 10 अप्रैल को शपथ से पहले मिला Z+ सुरक्षा का कवच, गृह मंत्रालय ने दिया आदेश

Nitish Kumar: बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार को राज्यसभा सदस्य बनने के बाद भी ‘Z+’ श्रेणी की सुरक्षा मिलती रहेगी। 10 अप्रैल को शपथ ग्रहण की संभावना के बीच गृह विभाग ने कड़े निर्देश जारी किए हैं।
nitish kumar resigned from chief minister of bihar
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Nitish Kumar Z Plus Security: बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के बीच Nitish Kumar की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। हाल ही में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए नीतीश कुमार को भविष्य में भी ‘Z+’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जाएगी। माना जा रहा है कि वे 10 अप्रैल को शपथ ले सकते हैं।

गृह विभाग की विशेष शाखा ने इस संबंध में पुलिस महानिदेशक और डीजी (स्पेशल ब्रांच) को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं, ताकि उनकी सुरक्षा में किसी तरह की कमी न रहे।

नीतीश कुमार को क्यों मिला सुरक्षा?

सरकार के आदेश के मुताबिक, यह निर्णय Bihar Special Security Act 2000 के तहत लिया गया है। विभाग का कहना है कि मुख्यमंत्री के रूप में उनके लंबे कार्यकाल और वर्तमान राजनीतिक स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च स्तर की सुरक्षा देना जरूरी है। यह कानून संवेदनशील व्यक्तियों को उनकी स्थिति के अनुसार सुरक्षा कवर प्रदान करने की अनुमति देता है। नीतीश कुमार ने 30 मार्च 2026 को राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। अब वे जल्द ही मुख्यमंत्री पद छोड़कर दिल्ली में अपनी नई भूमिका संभाल सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पद छोड़ने के बाद भी उनकी सुरक्षा बरकरार रखने का फैसला किया है।

10 अप्रैल को शपथ लेंगे नीतीश कुमार

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं। इससे पहले ही सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है, ताकि किसी भी स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था में चूक न हो।

क्या होती है Z+ सुरक्षा?

Z+ श्रेणी देश में उपलब्ध सबसे उच्च सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक है। इसके तहत लगभग 55 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाते हैं, जिनमें 10 से अधिक National Security Guard (NSG) कमांडो शामिल होते हैं। इसके अलावा पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान भी सुरक्षा में लगे रहते हैं। इस सुरक्षा घेरे में बुलेटप्रूफ गाड़ियां और एस्कॉर्ट वाहन भी शामिल होते हैं।

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