नीतीश का राज्यसभा सांसद बनने का सपना पूरा, 20 साल बाद दिल्ली में वापसी, CM पद से देंगे इस्तीफा

Bihar CM Resignation: Nitish Kumar ने 10 अप्रैल को दिल्ली स्थित संसद भवन में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले ली। इस्तीफे से पहले JDU विधायक दल की बैठक होने की संभावना है, जिसमें नया नाम सामने आएगा।
Nitish Kumar Becoming a Rajya Sabha MP Realized Resign from CM Post
Nitish Kumar (Source. X)
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Nitish Kumar Rajya Sabha: बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। Nitish Kumar ने शुक्रवार (10 अप्रैल, 2026) को दिल्ली स्थित संसद भवन में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले ली। इस्तीफे से पहले जेडीयू विधायक दल की बैठक होने की संभावना है, जिसमें नए नेता का चयन किया जाएगा। इसके बाद 15 अप्रैल को बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया पूरी हो सकती है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

चारों सदनों में पहुंचने वाले खास नेताओं में शामिल

राज्यसभा सदस्य बनने के साथ ही Nitish Kumar बिहार के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने चारों सदनों विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा की सदस्यता हासिल की है। उनसे पहले Lalu Prasad Yadav, Upendra Kushwaha, नागमणि और Sushil Kumar Modi भी यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।

RJD का हमला भविष्यवाणी हुई सच

नीतीश कुमार के इस कदम पर Rashtriya Janata Dal (RJD) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेता शक्ति सिंह यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, "नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जी की दूरदर्शिता और भविष्यवाणी आज अक्षरशः सच साबित हुई है. सत्ता की लालच में सुशासन का ढोंग रचने वाली भाजपा और जदयू के लोग छाती पीटकर नारा दे रहे थे कि 25 से 30 फिर से नीतीश, लेकिन तेजस्वी जी ने डंके की चोट पर ऐलान कर दिया था कि 25 से 30 नीतीश हो जाएंगे फिनिश!"

उन्होंने आगे कहा, "आज भाजपा के षड्यंत्र ने अपना रंग दिखा दिया है और नीतीश कुमार जी का राजनीतिक अध्याय बलात समाप्त कर दिया गया है। भूंजा पार्टी का पूरी तरह गेम ओवर हो चुका है और जदयू रसातल में जा चुकी है। जनादेश की चोरी कर सीनाजोरी करने वालों का यही हश्र होना था। बिहार की राजनीति से अब इन अवसरवादियों का पूर्ण सफाया तय है।"

क्यों अहम है यह सियासी बदलाव?

बिहार की राजनीति में यह घटनाक्रम एक बड़े बदलाव का संकेत है। मुख्यमंत्री का इस्तीफा और नई सरकार का गठन राज्य की दिशा और नीतियों पर गहरा असर डाल सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि अगला नेतृत्व किसे मिलेगा और आने वाले समय में बिहार की राजनीति किस दिशा में जाएगी।

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