पहलगाम हमले में NIA का खुलासा, कठुआ के रास्ते आए थे दो आतंकी, पर्यटकों से दोस्ती कर ले गए थे Food Court
पहलगाम हमले को लेकर आतंकियों के बारे में एनआईए ( NIA) की टीम ने खुलासा किया है कि दो आतंकी कश्मीरी थे और कठुआ के रास्ते भारत आए थे। आतंकी पर्यटकों में घुलमिल गए थे और सैलानियों को फूडकोर्ट तक ले गए थे।
- Written By: यतीश श्रीवास्तव
पहलगाम हमले पर एनआईए की जांच में बड़ा खुलासा
नई दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमले की जांच एनआईए (NIA) कर रहा है। जांच में कई अहम जानकारियां सामने आ रही हैं। फिलहाल टीम ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि हमला करने वाले चार आतंकियों में से दो कश्मीरी थे और वह कठुआ के रास्ते पहलगाम में दाखिल हुए थे। टीम इस दिशा में जांच को आगे बढ़ा रही है।
पहलगाम हमले को 12 दिन से अधिक हो चुके हैं लेकिन आतंकियों का अब तक पता नहीं चल पाया है। आतंकियों के सुराग तो मिल गए हैं लेकिन वे कहां भागकर गए इसकी जांच एनआईए की टीम कर रही है। फिलहाल ये जरूर पता चला है कि दो आतंकी कश्मीरी थे और कठुआ के रास्ते आए थे। पहलगाम हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो हुई थी।
आतंकियों के साथ घुलमिल गए और फूडकोर्ट ले आए
जांच में यह पता चला है कि चार आतंकियों में से दो कठुआ के रास्ते भारत आए थे। वह पहलगाम में सैलानियों के साथ पहले ही घुलमिल गए थे। उनसे बातचीत कर उनके बारे में बातों-बातों में जानकारी भी ली थी। यह भी बात सामने आ रही है दोनों आतंकी कई टूरिस्टों को फूडकोर्ट तक ले गए थे, जहां पर आतंकी हमले की घटना हुई थी। इसके आतंकियों ने धर्म पूछकर पर्यटकों को अपना निशाना बनाया था।
सम्बंधित ख़बरें
Pakistan Blast: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में फिर से हुआ जोरदार धमाका, दो लोगों की मौत, जांच जारी
Amarnath Yatra: भारी बारिश के कारण पहलगाम मार्ग बंद, बालटाल रूट से जारी रहेगी अमरनाथ यात्रा
खतरे के निशान के पास पहुंची झेलम नदी, घाटी में बाढ़ का खतरा; फिर शुरू हुई अमरनाथ यात्रा
Pakistan Attack: पाकिस्तान में आत्मघाती हमला, टैंक जिले में 12 सैनिकों समेत 15 की मौत, 12 आतंकी ढेर
चार दिनों से बैसरन और आसपास थे दो आतंकी
एनआईए के अधिकारियों की जांच में यह भी पता चला है कि दो आतंकी चार-पांच दिन से बैसरन और आसपास के इलाकों में ही घूम रहे थे और हमले को अंजाम देने की जगह तलाश रहे थे। टीम का यह भी कहना है कि ऐसा तभी हो सकता है जब स्थानीय लोगों ने उनकी मदद की हो। वायरलेस चैट से पता चला था कि आतंकी उसी इलाके में थे।
देश की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
हथियार कहीं तो छिपाए होंगे…
एनआईए का यह भी कहना है कि आतंकी खुलेआम तो इतने दिनों तक हथियार लेकर घूम नहीं रहे होंगे। इसका मतलब वह किसी स्थानीय के संपर्क में थे जिनकी मदद से हथियारों को छिपाकर रखा गया था। हथियार किसके पास छिपाए थे और वह किस कश्मीरी के संपर्क में थे इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
