नीट पेपर लीक मामला: संसद में स्थगन प्रस्ताव और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा विपक्ष

NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले पर विपक्ष ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि संसद में स्थगन प्रस्ताव स्वीकार कर चर्चा नहीं कराई गई, तो धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।
NEET paper leak case: Opposition adamant on adjournment motion in Parliament and demand for resignation of Education Minister
राहुल गांधी,प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत अन्य विपक्ष के नेता (सोर्स- आईएएनएस)
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NEET Paper Leak Opposition Protest: नीट पेपर लीक विवाद को लेकर संसद के भीतर और बाहर विपक्ष का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। बुधवार को विपक्षी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि केंद्र सरकार संसद में स्थगन प्रस्ताव स्वीकार कर इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा नहीं कराती है, तो उनका आंदोलन जारी रहेगा। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि पेपर लीक केवल एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि देशभर में युवाओं के भविष्य और रोजगार से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था और पूरी प्रणाली विफल हो चुकी है तथा छात्रों की आवाज को दबाया जा रहा है। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने भी स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा को प्राथमिकता देने की मांग करते हुए कहा कि यदि सरकार इस पर सहमत नहीं होती है, तो विपक्ष आंदोलन जारी रखेगा। इस बीच तृणमूल कांग्रेस ने भी कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन का समर्थन किया और निष्पक्ष जांच के साथ शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई। विपक्ष का कहना है कि छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों की वापसी और पुलिस कार्रवाई की जांच होने तक उनका विरोध जारी रहेगा।

अखिलेश ने सरकार को घेरा

वहीं संसद भवन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, "पहली बात, इस्तीफा होना चाहिए। दूसरी बात, छात्रों और युवाओं की मांगों पर ध्यान दिया जाना चाहिए। तीसरी बात, बच्चों के साथ जैसा बर्ताव किया गया, अगर ऐसा होता रहा तो यह सिलसिला चलता रहेगा, हमें अपनी आवाज उठानी होगी।"

उन्होंने आगे कहा पेपर लीक सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित मुद्दा नहीं है। देश में 150 से ज्यादा पेपर लीक हुए हैं, जिनमें से अकेले उत्तर प्रदेश में 20 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। इसके अलावा, रोजगार के अवसर भी नहीं मिल रहे हैं।

प्रियंका गांधी बोलीं- सिस्टम पूरी तरह फेल

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने दावा किया कि सिस्टम पूरी तरह से फेल हो चुका है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "क्या हमारा लोकतंत्र बचा है? मंगलवार को कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन के दौरान हमारे साथ जो हुआ, वह अहम नहीं है। हम छात्रों के साथ हैं और उनकी आवाज उठा रहे हैं... यह कोई आम विरोध प्रदर्शन नहीं है।

यह एक असली मुद्दे और असली समस्या से जुड़ा मामला है। देश के सभी माता-पिता, छात्र और शिक्षक यह बात जानते हैं। "प्रियंका गांधी ने कहा, "हमने वंदे मातरम पर 10 घंटे तक चर्चा की थी। अब केंद्र सरकार फिर से वंदे मातरम पर एक बिल ला रही है। तो फिर, हम स्थगन प्रस्ताव पर लंबी और विस्तृत चर्चा क्यों नहीं कर सकते"

छात्रों के मुद्दे पर संसद में टकराव तेज

केंद्र सरकार पर 'संवेदनहीन' होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, "स्थगन प्रस्ताव लाया जाना चाहिए। सदन का सारा कामकाज रोक दिया जाना चाहिए और सीधे इसी प्रस्ताव पर चर्चा होनी चाहिए। मैंने स्पीकर को भी अपनी यह इच्छा बता दी है।"

स्थगन प्रस्ताव पर अड़ा विपक्ष

उन्होंने कहा यह विपक्ष की मांग है। अगर ऐसा होता है, तो यह एक सकारात्मक कदम होगा और हम समझ सकेंगे कि सरकार ने कम से कम इस मुद्दे के प्रति कुछ संवेदनशीलता दिखाई है। सरकार स्थगन प्रस्ताव के लिए सहमत नहीं होती है, तो हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते। हम अपनी मुख्य मांगों, शिक्षा मंत्री को हटाना, स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा, छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेना और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विस्तृत जांच, के पूरा होने तक आंदोलन जारी रखेंगे।

तृणमूल कांग्रेस का भी मिला समर्थन

मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के पास पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस के धरने को तृणमूल कांग्रेस ने भी समर्थन दिया। तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रॉय ने कहा, "मैं राहुल गांधी का पूरा समर्थन करता हूं कि उन्होंने इस मुद्दे को सबके सामने रखा।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए और नीट पेपर लीक की ठीक से जांच होनी चाहिए। हम इसका समर्थन करते हैं। "तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद ने कहा, "एकजुटता बहुत जरूरी है। राजनीतिक मुद्दे अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन यह मुद्दा हमारे देश और युवाओं के भविष्य से जुड़ा है।"

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