

Navbharat Viksit Bharat Leadership Conclave 2026 Vision Led by Leaders: भारत को साल 2047 तक एक आत्मनिर्भर, सशक्त और पूरी तरह से विकसित राष्ट्र बनाने के महत्वाकांक्षी संकल्प को गति देने के लिए देश की राजधानी दिल्ली में एक बहुत बड़ा मंच सजने जा रहा है। आगामी 7 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के भीकाजी कामा प्लेस में 'नवभारत विकसित भारत लीडरशिप कॉन्क्लेव 2026' का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
यह कॉन्क्लेव देश के भविष्य की विकास यात्रा, डिजिटल क्रांति और बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण पर गहन विचार और मंथन करने का एक बेहद महत्वपूर्ण और प्रभावी माध्यम साबित होने वाला है।
नवभारत-नवराष्ट्र मीडिया ग्रुप द्वारा आयोजित इस वैचारिक महाकुंभ में देश को वैश्विक नेतृत्व, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इनोवेशन और समावेशी विकास की ओर तेजी से ले जाने के रणनीतिक लक्ष्यों पर विभिन्न क्षेत्रों की नामचीन हस्तियां, नीति निर्माता और उद्योग जगत के दिग्गज अपने विचार साझा करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की विकास यात्रा किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। आज का भारत कृषि, ऊर्जा, तकनीक और कनेक्टिविटी जैसे कई मजबूत स्तंभों पर एक साथ खड़ा है, जो मिलकर पूरे राष्ट्र को एक नई वैश्विक ऊंचाई की ओर ले जा रहे हैं। इसी सोच को धरातल पर उतारने के लिए इस कॉन्क्लेव में कई विशेष सत्रों का खाका तैयार किया गया है।
'नवभारत विकसित भारत लीडरशिप कॉन्क्लेव 2026' के एक विशेष सत्र में देश के विकास की रीढ़ माने जाने वाले विभागों के मुखिया अपना रोडमैप पेश करेंगे।
कृषि और ग्रामीण विकास- केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान देश के किसानों की समृद्धि, आधुनिक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की रणनीतियों पर बात करेंगे।
ऊर्जा सुरक्षा- केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा, ग्रीन एनर्जी और भविष्य के ईंधन विकल्पों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
हवाई कनेक्टिविटी- केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल देश में तेजी से बढ़ते हवाई अड्डों के नेटवर्क और आम नागरिक के लिए हवाई सफर को सुलभ बनाने के विज़न को सामने रखेंगे।
यह विशेष सत्र 'विकसित भारत @2047' के सपने को धरातल पर उतारने और नीतिगत स्तर पर इसे और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।
यह आयोजन सिर्फ भाषणों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें उद्योग जगत के दिग्गजों और सरकार के बीच एक सीधा संवाद स्थापित होगा। आज जब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर तेजी से अग्रसर है, तब डिजिटल बदलावों को अपनाना और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे का निर्माण करना सबसे बड़ी प्राथमिकता बन चुका है। 7 जुलाई को होने वाला यह कार्यक्रम इसी नए भारत की बुलंद तस्वीर को दुनिया के सामने पेश करेगा।