50 लाख में 2000 करोड़ की संपत्ति! नेशनल हेराल्ड केस में ED की चार्जशीट पर सुनवाई

National Herald Case: नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और सैम पित्रोदा सहित कई आरोपी हैं। राऊज एवेन्यू कोर्ट 29 नवंबर को ईडी की चार्जशीट पर फैसला सुनाएगी।
national-herald-case-delhi-high-court-issued-notices-to-rahul-and-sonia-gandhi-seeking-their-response-to-the-ed-appeal
राहुल गांधी, सोनिया गांधी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

National Herald Money Laundering Case: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट शनिवार (29 नवंबर) को नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले पर अपना फैसला सुना सकती है। इससे पहले कोर्ट ने  7 अक्टूबर को मामले पर सुनवाई करते हुए  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर संज्ञान लेने पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। ईडी ने इस मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी,राहुल गांधी और आरोप तय करने के याचिका दाखिल की थी। 

यह मामला 2012 में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत से शुरू हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड अखबार की प्रकाशक कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की संपत्तियों को गलत तरीके से हथियाने की साजिश रची। अप्रैल 2025 में ईडी ने चार्जशीट दाखिल की, जिसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी, यंग इंडियन लिमिटेड और डॉटेक्स मर्चेंडाइज को आरोपी बनाया गया।

नेशनल हेराल्ड पर क्या है आरोप...

  • नेशनल हेराल्ड को प्रकाशित करने वाली कंपनी एजेएल के पास लगभग 2000 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति थी।
  • एजेएल घाटे में चल रही थी, इसलिए कांग्रेस ने इसे 90 करोड़ रुपये का ब्याज-मुक्त कर्ज दिया।
  • 2010 में यंग इंडियन नाम की कंपनी बनाई गई।
  • उस समय राहुल गांधी कांग्रेस महासचिव थे।
  • यंग इंडियन में सोनिया गांधी और राहुल गांधी प्रमुख शेयरहोल्डर हैं, जिनके पास 38%-38% यानी कुल 76% हिस्सेदारी है।
  • बाकी 24% शेयर कांग्रेस नेताओं मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडिस के पास थे, जो अब दोनों दिवंगत हो चुके हैं।
  • राहुल गांधी यंग इंडियन के डायरेक्टर बने।
  • यंग इंडियन में वही लोग शामिल थे जो पहले एजेएल में थे।
  • ईडी का आरोप है कि एजेएल कर्ज चुकाने की स्थिति में नहीं थी, इसलिए 90 करोड़ रुपये के कर्ज़ को शेयरों में बदल दिया गया।
  • इसके बाद यंग इंडियन ने केवल 50 लाख रुपये में एजेएल को खरीद लिया।

कांग्रेस नेताओं पर गंभीर आरोप

ईडी का दावा है कि 2010 में बनाई गई यंग इंडियन लिमिटेड (जिसमें सोनिया और राहुल के पास 38-38% शेयर हैं) ने सिर्फ 50 लाख रुपये देकर एजेएल की 2000 करोड़ रुपये की संपत्ति पर कब्जा कर लिया। कांग्रेस ने एजेएल को 90 करोड़ रुपये का ब्याज-मुक्त ऋण दिया, जिसे यंग इंडियन ने लोन चुकाने के नाम पर लिया, लेकिन यह संपत्ति हस्तांतरण था। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा था कि यंग इंडियन एक कठपुतली कंपनी है और इससे गांधी परिवार को 142 करोड़ रुपये की अपराध की आय मिली, जो मनी लॉन्ड्रिंग है।​

वही, कांग्रेस का कहना है कि यह केस राजनीति से प्रेरित है और गांधी परिवार को परेशान करने का बहाना है। नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने तर्क दिया कि न तो पैसा या संपत्ति इधर-उधर हुई, बस नेशनल हेराल्ड के प्रबंधन के लिए एक नॉट-फॉर-प्रॉफिट कंपनी बनाई गई। वहां कोई डिविडेंड या व्यावसायिक लेन-देन संभव नहीं, फिर भी इसे हवाला बना दिया गया। 

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com