

NDA Meeting PM Narendra Modi New Record: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 10 जून को लंबे समय तक भारत देश के प्रधानमंत्री रहे पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ने जा रहे हैं। 10 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुने हुए प्रधानमंत्री के तौर पर जवाहरलाल नेहरू के 4,399 दिनों के कार्यकाल को तोड़ दिया है। इसी के साथ आज एनडीए सरकार के 12 साल पूरे होने जा रहे है।
इस मौके पर दिल्ली में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की है। यह बैठक भारत मंडपम में आयोजित की जा रही है। इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी, भाजपा के वरिष्ठ नेता, एनडीए शासित सभी 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और गठबंधन की सहयोगी पार्टियों के नेता शामिल होंगे।
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक के दौरान एनडीए एक प्रस्ताव पास कर सकता है जिसमें प्रधानमंत्री मोदी को भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ने और एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने पर बधाई दी जाएगी।
आपको बताते चलें, कि 10 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुने हुए प्रधानमंत्री के तौर पर जवाहरलाल नेहरू के 4,399 दिनों के कार्यकाल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस तुलना के लिए नेहरू के 1952 से शुरू हुए कार्यकाल को आधार माना गया है, क्योंकि देश में पहले आम चुनाव होने से पहले, 1947 से 1952 के बीच वे अंतरिम सरकार के प्रमुख थे।
देखा जाए तो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 14 साल से ज्यादा समय तक प्रधानमंत्री का पद संभाला था, लेकिन उनका कार्यकाल लगातार नहीं था। इस वजह से मोदी भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बन गए हैं।
इस कार्यक्रम में राजनाथ सिंह, अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन और शिवराज सिंह चौहान समेत कई वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री और एनडीए के अन्य प्रमुख नेता शामिल हो सकते हैं। यह बैठक एनडीए सरकार के कार्यकाल के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही है। इसमें गठबंधन की उपलब्धियों, भविष्य की नीतिगत प्राथमिकताओं और राजनीतिक रोडमैप पर चर्चा होने की उम्मीद है।
इस बैठक में मुख्य रूप से शासन से जुड़ी पहलों, विकास से जुड़े कार्यक्रमों और आगामी चुनावों को लेकर चुनौतियों की तैयारियों पर बातचीत हो सकती है। यह बैठक राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनाने और असम में सत्ता बरकरार रखने के बाद एनडीए की यह पहली बड़ी बैठक होगी।
इसके अलावा, यह बैठक अगले साल कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले हो रही है। NDA की यह बैठक नई दिल्ली में विपक्षी 'INDIA' गठबंधन की हालिया बैठक के तुरंत बाद हो रही है, जिसमें विपक्षी दलों के नेताओं ने रणनीति बनाने के लिए एकजुट होकर चुनावी सुधार, शिक्षा और आर्थिक मुद्दों से जुड़े उपायों पर आम सहमति बनाई थी।