बुल्ली बाई ऐप मामले में मुंबई पुलिस को मिली कामयाबी, ओडिशा से एमबीए डिग्री होल्डर एक और युवक गिरफ्तार
- Written By: आसिफ सईद
File Photo:ANI
मुंबई: मुंबई अपराध शाखा (Mumbai Crime Branch) की साइबर पुलिस (|Mumbai Cyber Cell Police) ने बुल्ली बाई ऐप (Bulli Bai APP) मामले में बृहस्पतिवार को ओडिशा (Odisha) से एक युवक को गिरफ्तार (Arrest) किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। इस ऐप पर मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें ‘नीलामी’ के लिए डालकर उन्हें निशाना बनाया जाता था।
अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान 28 वर्षीय नीरज सिंह के रूप में की गई है, जो एमबीए डिग्री धारी है। पुलिस के अनुसार नीरज ने मुख्य आरोपी के साथ मिलकर ऐप के निर्माण की योजना बनाई थी। अधिकारी ने कहा, ‘नीरज की भूमिका इस मामले में पहले गिरफ्तार किये गये आरोपियों से पूछताछ में सामने आयी। पूछताछ के बाद साइबर थाने की एक टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए ओडिशा भेजी गयी थी।”
उन्होंने बताया कि नीरज को मुंबई लाया जा रहा है, जहां उसे एक अदालत में पेश किया जाएगा। नीरज की गिरफ्तारी के साथ मुंबई पुलिस बुल्ली बाई ऐप मामले में अब तक कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। उससे पहले, श्वेता सिंह (18) और मयंक रावल (21) को उत्तराखंड से, जबकि इंजीनियरिंग छात्र विशाल कुमार झा (21) को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया था।
सम्बंधित ख़बरें
अक्षय कुमार की बेटी से ऑनलाइन मांगी न्यूड फोटो, महाराष्ट्र साइबर सेल ने आरोपी को दबोचा! जानें पूरा मामला
ओडिशा में बड़ी गड़बड़ी! SIR से पहले ही वोटर लिस्ट से गायब हुए 9.8 लाख नाम, चुनाव आयोग ने दिए जांच के निर्देश
महिला आरक्षण का समर्थन लेकिन परिसीमन पर सवाल…नवीन पटनायक ने ओड़िशा के CM को लिखा पत्र; रखी यह मांग
ओडिशा में बॉक्साइट खदान पर छिड़ा खूनी संग्राम, 40 पुलिसकर्मी घायल, जल-जंगल के लिए जंग या मामला कुछ और?
बुल्ली बाई ऐप मामले के मुख्य साजिशकर्ताओं में कथित तौर पर शामिल नीरज बिश्नोई को दिल्ली पुलिस ने असम से गिरफ्तार किया था। ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म ‘गिटहब’ पर मौजूद ‘बुल्ली बाई’ ऐप पर सैकड़ों मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरों से छेड़छाड़ कर उन्हें ‘नीलामी’ के लिए डालने की शिकायतें सामने आने के बाद मुंबई पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
हालांकि, ऐप पर कोई वास्तविक ‘नीलामी’ या ‘बिक्री’ नहीं की गई, लेकिन माना जा रहा है कि इसके निर्माण का मुख्य उद्देश्य लक्षित महिलाओं को डराना और अपमानित करना था।
