Modi Cabinet Reshuffle 2026: पूर्व RBI गर्वनर शक्तिकांत दास की होगी एंट्री, बाहर जाएंगे आधा दर्जन राज्यमंत्री
PM Modi Cabinet Reshuffle 2026: केंद्रीय मंत्रिमंडल फेरबदल की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है। उम्मीद की जा रही है कि कभी भी विस्तार हो सकता है, कई प्रभावशाली मंत्री विस्तार में बाहर होंगे।
- Written By: शैलेंद्र तिवारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
केंद्रीय मंत्रिमंडल फेरबदल पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं, माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल होने जा रहा है। जिसमें कुछ नए चेहरों को शामिल किया जाएगा। वहीं, कई प्रभावी चेहरों को बाहर का रास्ता भी देखना पड़ सकता है। सबसे प्रभावशाली चेहरे के तौर पर पूर्व आरबीआई गर्वनर शक्तिकांत दास को देखा जा रहा है, जिन्हें कैबिनेट में जगह मिल सकती है। माना जा रहा है कि उन्हें वित्त की जिम्मेदारी के लिए मंत्रिमंडल में लाने की तैयारी हो रही है, जबकि निर्मला सीतारमण को दूसरे विभाग की जिम्मेदारी मिल सकती है।
सूत्रों का दावा है कि प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव के तौर पर काम कर रहे भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गर्वनर शक्तिकांत दास को मंत्रिमंडल में लाने की वजह वित्त मंत्रालय को वापस से रिफॉर्म करना है और उसे बेहतर तरीके से संचालित करने की रणनीति है। वहीं, निर्मला सीतारमण को एचआरडी में भेजने की तैयारी है। माना जा रहा है कि दो बड़े प्रभावशाली चेहरों को मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता देखना पड़ सकता है। वहीं आधा दर्जन राज्य मंत्रियों को भी बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी हो गई है।
राज्यसभा सांसद तरुण चुघ
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पंजाब से आएंगे तरुण चुघ, किसको मिलेगा इनाम
पंजाब से रवनीत बिट्टू को मंत्रिमंडल से बाहर भेजने की तैयारी हो गई है। माना जा रहा है कि संगठन ने उन्हें पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी करने का संदेशा दे दिया है। यही वजह है कि उन्हें राज्यसभा नहीं भेजा है। उनका कार्यकाल खत्म हो गया है, ऐसे में वह लंबे समय तक केंद्रीय मंत्री भी नहीं रह सकेंगे। भाजपा ने तरुण चुघ को मध्यप्रदेश से राज्यसभा भेजा है, ऐसे में माना जा रहा है कि उन्हें केंद्र में मंत्री के तौर पर जगह मिल सकती है। इसी फेरबदल में पंजाब से दो और नामों पर विचार हो रहा है, उनमें आम आदमी पार्टी से आए राघव चड्ढा और अशोक मित्तल (लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी) हैं। इन दोनों में से किसी एक को दलबदल का इनाम मिल सकता है। इनके कोटे से चौंकाने वाला नाम हरभजन सिंह भी हो सकता है, जिन्होंने पिछले दिनों केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी।
मध्यप्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष वीडी शर्मा
मध्यप्रदेश से बाहर होंगे दोनों राज्यमंत्री?
सबकी निगाहें मध्यप्रदेश पर हैं, यहां से पांच केंद्रीय मंत्री हैं जिनमें शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया और वीरेंद्र खटीक बतौर केंद्रीय मंत्री हैं, जबकि दुर्गादास उईके और सावित्री ठाकुर राज्यमंत्री के तौर पर हैं। माना जा रहा है कि यहां पर दो से तीन मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। सबसे ज्यादा मुश्किल में दोनों राज्यमंत्री हैं और इसके अलावा कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र खटीक पर भी तलवार लटक रही है। यहां से नए संभावित चेहरों में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और अभी राज्य सभा सदस्य बनाए गए महेश केवट का नाम है। महेश केवट को उत्तर प्रदेश चुनावों को ध्यान में रखकर नई भूमिका में लाया जा सकता है।
शिवसेना शिंदे के सांसद श्रीकांत एकनाथ शिंदे
शिवसेना शिंदे का बढ़ेगा कद?
महाराष्ट्र से शिवसेना शिंदे का कद बढ़ सकता है। उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे को कैबिनेट में जगह मिल सकती है। वहीं, उनके कोटे के मंत्री प्रताप राव जाधव के लिए मुश्किलें खड़ी हुई हैं, संभव है कि उनकी जगह शिंदे गुट को दूसरा रिप्लेसमेंट दिया जाए। इसमें सबसे प्रभावी नाम अभी शिवसेना उद्धव छोड़कर आए सांसदों के गुट में शामिल संजय दीना पाटील को मौका मिल सकता है।
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान। फाइल फोटो
क्या वापस आएंगे अनुराग ठाकुर और मिलेगा राम को मौका
संभावना जताई जा रही है कि अनुराग ठाकुर कैबिनेट में वापस आ सकते हैं। वहीं, मेरठ से सांसद अरुण गोविल को मौका मिल सकता है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी की विदाई भी तय है, उन्हें उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष बनाकर वापस राज्य में भेजा गया है। ऐसे में उन्हें उत्तर प्रदेश पर फोकस करने का जिम्मा रहेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि वादे के मुताबिक, नीतीश कुमार को भी मंत्रीमंडल में जगह मिल सकती है।
मुश्किल में आएंगे ये कद्दावर मंत्री
– धर्मेंद्र प्रधान
– मनोहर लाल खट्टर
– हरदीप पुरी
