मिजोरम के CM जोरमथांगा ने राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति को सौंपा इस्तीफा
- Written By: किर्तेश ढोबले
आइजोल: मिजोरम में के मुख्यमंत्री जोरमथांगा (Zoramthanga) ने राजभवन में राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति (Dr. Hari Babu Kambhampati) को अपना इस्तीफा सौंपा। जोरमथांगा की पार्टी को विधानसभा चुनाव (Mizoram Assembly Election 2023) में हर का सामना करना पड़ा। वहीं, जोरम पीपुल्स मूवमेंट (Zoram People’s Movement) ने बड़ी जीत हासिल की है।
इससे पहले, मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथांगा ने सोमवार शाम को राजधावन जाकर राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति से मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंप दिया। निर्वाचन आयोग के अनुसार मतगणना में जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) मिजोरम में सत्ता की ओर बढ़ रही है, जो पहले ही 26 सीटें जीत चुकी है और एक अन्य पर बढ़त बनाए हुए है।
#WATCH आइजोल: मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथांगा ने राजभवन में राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति को अपना इस्तीफा सौंपा। pic.twitter.com/Q57ODEg9no — ANI_HindiNews (@AHindinews) December 4, 2023
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पूर्व सीएम जोरमथांगा भी चुनाव हारे
सत्तारूढ़ मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) ने सात सीटें जीत ली हैं और तीन अन्य पर बढ़त बनाए हुए है, लेकिन उसके कई वरिष्ठ नेता या तो पिछड़ चुके हैं या पहले ही हार चुके हैं। जोरमथांगा भी चुनाव हार गए हैं। वह तीन राउंड की मतगणना के बाद आइजोल ईस्ट-एक सीट पर जेपीएम के लालथनसांगा से 2,101 वोटों से हार गए।
सात नवंबर को हुआ था मतदान
मिजोरम विधानसभा के लिए मतदान सात नवंबर को हुआ था और राज्य के 8.57 लाख मतदाताओं में से 80 प्रतिशत से अधिक ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। चुनाव में 18 महिलाओं सहित कुल 174 उम्मीदवार मैदान में हैं। मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ), जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) और कांग्रेस ने 40-40 सीटों पर चुनाव लड़ा, जबकि भाजपा ने 23 सीटों पर उम्मीदवार उतारे। मिजोरम में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ने वाली आम आदमी पार्टी (आप) ने चार सीटों पर चुनाव लड़ा। इसके अलावा 17 निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में थे।
