

Manipur Policeman Arrested News: मणिपुर में में चल रहे तनाव के बीच एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में एक पुलिसकर्मी को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल होकर पुलिसकर्मी ने सुरक्षा बलों पर हमला किया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी पुलिसकर्मी की पहचान थौडाम गोजेंद्रो सिंह के रूप में हुई है। मंगलवार को पुलिस ने आरोपी पुलिसकर्मी के साथ एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों पर इंफाल ईस्ट जिले के कोईरेंगेई क्रॉसिंग पर प्रदर्शन के दौरान सड़क पर मलबा जलाकर हिंसा फैलाने की कोशिश करने का आरोप है। इस दौरान उन्होंने गुलेल और पत्थरों से सुरक्षा बलों को निशाना बनाया था।
मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के ट्रोंग्लाओबी में हुए बम हमले के विरोध 7 अप्रैल को प्रदर्शन किया जा रहा था। इस दौरान एक 5 साल बच्चे और 6 महीने की उसकी बहन सोई थी, उसी समय दोनों की मौत हो गई थी और उनकी मां घायल हो गई थी। राज्य के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच NIA को सौंपने का निर्णय लिया है। बता दें कि मणिपुर में मई 2023 से चल रही जातीय हिंसा में अब तक करीब 260 लोगों की मौत हो गई है, जबकि हजारों लोग बेघर हो गए है। घाटी के निवासी मैतेई समुदाय और पहाड़ी क्षेत्र के कुकी समुदाय के बीच यह हिंसा हो रही है।
मणिपुर में मई 2023 में हुई हिंसा में भीड़ ने बीजेपी विधायक वुंगजागिन वाल्टे पर बेरहमी से हमला कर दिया था। इस हमले में विधायक बुरी तरह घायल हो गए थे। गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। इसी साल फरवरी में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था। इसके विरोध में विधायक के समर्थकों ने नोनी जिले और इंफाल ईस्ट के याइंगंगपोकपी में सड़कें जाम कर दी थी। इस प्रदर्शन से केंद्रीय सुरक्षा बलों का आवागमन प्रभावित हो गया था।
बुधवार को राज्य में कई संगठनों द्वारा बंद बुलाए गए। संगठनों द्वारा बंद बुलाए जाने के कारण 12 जिलों के लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। यह बंद 7 अप्रैल को हुए बम हमले के विरोध में बुलाया गया था। मणिपुर के उखरूल जिले के टीएम कासोम में हुए हमले में 2 तांगखुल नागा लोगों की मौत हो गई थी। इसके विरोध में 18 अप्रैल को बंद बुलाया गया था।
प्रदेशभर में बंद बुलाए जाने का असर जिलों में स्कूल, ज्यादातर सरकारी, बैंक, बाजार व निजी संस्थान पर पड़ा। साथ ही सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हुआ, इससे आम लोगों को काफी परेशानी हुई। इस दौरान कई जगहों पर मेडिकल सुविधा के लिए दवा की दुकानें खुली रहीं।