'कश्मीर जाने से डरें...', दीदी को अब्दुल्ला का न्योता, सरकार से सुरक्षा की मांग

जम्मू-कश्मीर CM उमर अब्दुल्ला के साथ ममता बनर्जी ने कहा कि दुर्गा पूजा के बाद वे कश्मीर जाने के लिए कोशिश करेंगी। उन्होंने अपील की लोगों को कश्मीर आना चाहिए, डरने की कोई बात नहीं है।
'कश्मीर जाने से डरें...', दीदी को CM अब्दुल्ला ने दिया न्योता, केंद्र से सुरक्षा की मांग
जम्मू-कश्मीर सीएम उमर अबदुल्ला व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फोटो- @ANI)
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श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले के बाद पर्यटन को पुनर्जीवित करने की दिशा में बड़ा संदेश देते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य का दौरा करने की योजना बनाई है। सीएम उमर अब्दुल्ला के निमंत्रण को स्वीकार करते हुए ममता ने कहा कि वे दुर्गा पूजा के बाद कश्मीर जाएंगी। उन्होंने केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। ममता ने कश्मीर की सांस्कृतिक और प्राकृतिक सुंदरता की प्रशंसा करते हुए कहा- “इस धरती से डरने की जरूरत नहीं।”

कोलकाता स्थित राज्य सचिवालय में सीएम ममता बनर्जी और जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला के बीच यह मुलाकात पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुई, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और उद्योग में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। उमर अब्दुल्ला ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा भेजी गई सहायता टीम का उल्लेख करते हुए ममता दीदी का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह मानवीय सहयोग की मिसाल है।

दीदी ने की जम्मू-कश्मीर दौरे की घोषणा ममता बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे जम्मू-कश्मीर के प्रति जुड़ाव महसूस करती हैं और वहां की जनता, संस्कृति और प्रकृति से बहुत प्रेम करती हैं। उन्होंने कहा, “दुर्गा पूजा के बाद मैं जम्मू-कश्मीर जाऊंगी। हमारे पर्यटकों को डरना नहीं चाहिए, बल्कि कश्मीर की सुंदरता को अनुभव करना चाहिए।” उन्होंने यह भी ऐलान किया कि बंगाल का पर्यटन विभाग कश्मीर के साथ मिलकर काम करेगा और राज्य के फिल्म निर्माताओं को घाटी में शूटिंग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

केंद्र से सुरक्षा की मांग, विपक्षी एकता की नई तस्वीर

ममता ने केंद्र सरकार से अपील की कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि डर का माहौल खत्म हो और राज्य में पर्यटन फिर से पनप सके। उन्होंने कहा कि सीमा और सुरक्षा केंद्र सरकार के अधीन आती है, ऐसे में केंद्र को कदम उठाने चाहिए। उमर अब्दुल्ला के साथ उनकी यह मुलाकात विपक्षी राज्यों के बीच नए सहयोग का संकेत भी देती है। दोनों नेताओं ने सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने की इच्छा जताई।

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