शरद पवार ने कहा महाराष्ट्र राज्यसभा चुनाव नतीजा चौंकाने वाला नहीं, सरकार को नहीं कोई खतरा

NCP Chief Sharad Pawar rejected the demand for resignation of Nawab Malik, said – Arrest is politically motivated, being a Muslim, the name is being linked to Dawood
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मुंबई: महाराष्ट्र में राज्यसभा की छह सीटों में से तीन पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार ने कहा कि, वह नतीजों को देखकर जरा भी आश्चर्यचकित नहीं हैं। पवार ने बताया कि उनकी पार्टी को एक अतिरिक्त वोट निर्दलीय विधायक का मिला, जिसका झुकाव विपक्षी खेमे की तरफ था। महाराष्ट्र में शुक्रवार को हुए राज्यभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, राज्य के पूर्व मंत्री अनिल बोंडे और पूर्व सांसद धनंजय महाडिक ने जीत दर्ज की।वहीं, शिवसेना के संजय राउत, राकांपा के प्रफुल्ल पटेल और कांग्रेस के इमरान प्रतापगढ़ी भी राज्यसभा चुनाव में जीत हासिल करने में कामयाब रहे। शिवसेना के दूसरे उम्मीदवार संजय पवार को भाजपा के महाडिक के हाथों हार का सामना करना पड़ा।

शरद पवार ने मीडिया से कहा, “मैं नतीजे देखकर हैरान नहीं हूं। अगर आप महा विकास अघाड़ी (MVA) के सभी घटक दलों राकांपा, शिवसेना और कांग्रेस के प्रत्येक उम्मीदवार के पक्ष में पड़े वोटों पर नजर डालेंगे तो पता चलेगा उन्हें कोटे के अनुसार मत मिले। सिर्फ प्रफुल्ल पटेल (NCP) को एक अतिरिक्त वोट हासिल हुआ और मुझे पता है कि, यह कहां से आया है। यह एमवीए का वोट नहीं था, यह विपक्षी खेमे से डाला गया था।

राकांपा प्रमुख ने कहा कि छठी सीट जिस पर शिवसेना ने अपना प्रत्याशी उतारा था उसपर पर बड़ा अंतर था, लेकिन एमवीए ने हिम्मत दिखाई और भरपूर प्रयास किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को ज्यादा निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल था, लेकिन भाजपा और एमवीए, दोनों के लिए कुल वोट पर्याप्त नहीं थे। शरद पवार ने कहा कि एमवीए ने कुछ वोट कम होने के बावजूद छठी सीट पर जीत हासिल करने के लिए साहसिक प्रयास किया, लेकिन हमें उस चमत्कार को स्वीकार करना होगा, जिसके तहत भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस उन निर्दलीय सदस्यों और छोटे दलों को हमसे दूर करने में सफल रहे, जो एमवीए का समर्थन करते थें। 

उन्होंने आगे कहा, इसीलिए वोटों का यह अंतर देखने को मिला।शरद पवार ने कहा कि पटेल (राकांपा), प्रतापगढ़ी (कांग्रेस) और राउत (शिवसेना) के लिए प्रथम वरीयता के वोटों का कोटा अडिग था। अलबत्ता, प्रफुल्ल पटेल को भाजपा समर्थित एक निर्दलीय विधायक से एक अतिरिक्त वोट मिला, जिसने मुझे खुद इसकी जानकारी देते हुए पटेल के पक्ष में मतदान किया। यह निर्दलीय विधायक पहले मेरे साथ काम कर चुके हैं। एनसीपी प्रमुख ने दावा किया कि, महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली एमवीए सरकार को कोई खतरा नहीं है। छठी सीट एमवीए के लिए जोखिम भरी थी, लेकिन उद्धव ठाकरे ने यह जोखिम उठाया। राजनीति में जोखिम तो उठाना ही पड़ता है।(एजेंसी)

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