

Parliament News Today: लोकसभा में बुधवार को केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए नए विधेयकों CM और PM के 30 दिनों तक जेल में रहने की स्थिति में उन्हें पद से हटाए जाने से संबंधित बिल सदन में पेश होने पर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। गृह मंत्री अमित शाह द्वारा सदन में बिल पेश किए जाने के दौरान विपक्षी दलों ने विरोध जताते हुए प्रतियां फाड़कर उनकी ओर फेंकीं। इस बीच तृणमूल कांग्रेस की महिला सांसद ने केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू और भाजपा सांसद रवनीत सिंह बिट्टू पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सदन के भीतर उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट हुई, जिससे वे घायल भी हो गईं।
बुधवार को हुई कार्यवाही में अमित शाह ने एक अहम बिल पेश किया, जिसके तहत यदि मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री 30 दिनों तक जेल में रहते हैं, तो उन्हें पद से हटाया जा सकता है। इस पर कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और इसे असंवैधानिक करार दिया। विरोध के बीच भारी हंगामा हुआ और सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसके चलते लोकसभा की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। इसी दौरान टीएमसी सांसद मिताली बाग और शताब्दी रॉय ने आरोप लगाए कि महिला सांसदों को भाजपा नेताओं द्वारा धक्का दिया गया और उनके साथ हाथापाई की गई।
लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए मिताली बाग ने आरोप लगाया कि भाजपा सांसद रवनीत सिंह बिट्टू और केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने उन्हें धक्का दिया और उन पर हमला किया। बाग ने कहा, "जब हम विधेयक का विरोध कर रहे थे, तब अचानक रिजिजू और बिट्टू जी ने मुझ पर हमला कर दिया। उन्होंने मुझे धक्का दिया, जिससे मैं जख्मी हो गई।"
उन्होंने आगे कहा कि संसद जैसे लोकतांत्रिक मंच पर महिला सांसदों के साथ ऐसा व्यवहार होना बेहद शर्मनाक है। "मुझे किरण रिजिजू ने मारा, बिट्टू जी ने मारा। उन्होंने महिलाओं पर जोर-जोर से हमला किया। यह लज्जा की बात है, यह धिक्कार की बात है।" बाग के इन बयानों के बाद पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग ले लिया और यह मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया।
विपक्षी दलों ने सरकार पर आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए इस तरह की हरकत की जा रही है। शताब्दी रॉय ने भी मिताली बाग का समर्थन करते हुए कहा कि महिला सांसदों के साथ बदसलूकी हुई है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह आवाज उठाने की बात कही है। हालांकि, भाजपा सांसदों की ओर से अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।