लोकसभा चुनाव 2029 के लिए नई EVM की जरूरत, चुनाव आयोग ने मोदी सरकार से मांगा ₹500 करोड़ का फंड

New EVM Machines Demand: 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारी में चुनाव आयोग ने नई EVM खरीदने और पुरानी मशीनों को अपग्रेड करने के लिए 500 करोड़ रुपये से अधिक फंड की मांग की है।
New EVMs for lok sabha election 2029
सांकेतिक तस्वीर (Image- Social Media)
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Election Commission Strategy for Lok Sabha Election 2029: लोकसभा चुनाव में अभी लगभग तीन साल का वक्त बचा है। लेकिन चुनाव आयोग भी से इसकी तैयारी में लग गया है। चुनाव आयोग ने बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) खरीदने की तैयारी शुरू कर दी है। इकोनॉमिक टाइम्स में छपी रिपोर्ट के अनुसार, 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए चुनाव आयोग ने सरकार से 500 करोड़ रुपये से ज्यादा के फंड की मांग की है।

इस फंड से नई ईवीएम भी खरीदी जाएगी और साथ ही मौजूदा मशीनों को भी अपग्रेड किया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग को 2024 के लोकसभा चुनावों के मुकाबले 2029 में मतदान केंद्रों की संख्या में 46% की संभावित बढ़ोतरी तथा पुरानी पड़ चुकी ईवीएम की चुनौती है।

नई ईवीएम के लिए चाहिए 500 करोड़ रुपये

बता दें कि चुनाव आयोग 3.57 बैलट यूनिट और 1.25 कंट्रोल यूनिट खरीदने का प्लान बना रहा है। इन्हीं बैलट यूनिट और कंट्रोल यूनिट को मिलाकर पूरी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) बनाई जाती है। इन नई मशीनों को खरीदने के लिए 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की जरूरत पड़ेगी। रिपोर्ट के अनुसार, इसी के मद्देनजर चुनाव आयोग ने केंद्र के पास एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें 2029 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव करवाने के लिए 500 करोड़ के फंड की जरूरत बताई गई है। ऐसी संभावना है कि इन मशीनों के उत्पादन और क्वालिटी चेक की प्रक्रिया 2027 के मार्च तक पूरी हो जाएगी।

512.4 करोड़ रुपये की मंजूरी

बता दें कि आयोग के व्यय विभाग ने इस खरीदारी के लिए पहले ही 512.4 करोड़ रुपये की मंजूरी दे चुका है। इस प्लान के तहत एक बैलट यूनिट की कीमत 8,577 रुपये जो कि 2024 से 6% कम है और एक कंट्रोल यूनिट की कीमत 9,737 रुपये जो 2024 से 7% कम है।

कितने साल चलती है एक ईवीएम?

चुनाव आयोग के पास इस समय 30.77 लाख बैलट यूनिट और 22.14 लाख कंट्रोल यूनिट मौजूद है। इनके अलावा चुनाव आयोग के पास अभी लगभग 24 लाख वीवीपैट मशीनें हैं। इनमें से अधिकतर मशीनों का उपयोग 2013-14 से ही हो रहा है और इन मशीनों को 2029 तक रिटायर हो जाना है।

नए EVM की जरूरत क्यों?

चुनाव आयोग को नई ईवीएम खरीदने का कारण मतदान केंद्रों में होने वाली भारी बढ़ोतरी भी है। अब 1,200 वोटरों पर ही एक बूथ बनाने का नियम बन चुका है, वहीं पहले एक बूथ पर 1,500 वोटर होते थे। इसका मतलब हा कि 2024 में जो 10.53 लाख पोलिंग बूथ बनाए गए थे, वो 2029 लोकसभा चुनाव में बढ़कर लगभग 15.39 लाख हो जाएंगे।

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