

Viral Post of Lockdown in India: मिडिल ईस्ट में पिछले 33 दिनों से जारी जंग के बीच भारत समेत दुनिया के कई देश ईंधन संबंधित समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या देश में फिर से लॉकडाउन लगने वाला है? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट में कुछ ऐसा ही दावा किया जा रहा है। 'WAR LOCKDOWN NOTICE ' नाम से एक पीडीएफ को शेयर किया जा रहा है।
शुरुआत में देखने में यह किसी इमरजेंसी अलर्ट जैसा नजर आ रहा है। अशोक चक्र चिन्ह वाले इस डॉक्यूमेंट को ऐसे डिजाइन किया गया है, मानो यह कोई सरकारी नोटिस हो, लेकिन जब लोगों ने इसे खोला तो सच्चाई एकदम उलट नजर आई।
वायरल हो रहे इस डॉक्यूमेंट के 'सरकारी आदेश' जैसा लगने से लोगों के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें छा गईं। इस पीडीएफ में सुझाव दिया गया कि युद्ध से संबंधित लॉकडाउन लागू किया गया है और फौरन सावधानी बरतने की अपील की गई। पहली नजर में यह नोटिस इतना विश्वसनीय लग रहा था कि यूजर्स इसे बिना देखे समझे आंख मूंदकर फॉरवर्ड करने लगे।
इस डॉक्यूमेंट को जब आप खोलेंगे तो इसका सच निकलकर सामने आ जाएगा। पता चलता है कि सरकार की ओर से कोई आधिकारिक चेतावनी जारी नहीं की है बल्कि इसमें एक साधारण 'अप्रैल फूल' का मैसेज और एक इमोजी था। जिससे पता चला कि यह केवल एक मजाक था। सच्चाई जानकर लोग दंग रह गए, जिन्होंने इसे घबराहट में आकर बिना देखे ही इसे शेयर कर दिया था।
इसको शेयर करने में 1 अप्रैल की तारीख अहम वजह है। दरअसल यह मैसेज 'अप्रैल फूल डे' के दिन शेयर किया गया। इस दिन सोशल मीडिया पर ज्यादातर लोग इस तरह की भ्रामक पोस्ट शेयर करते हैं। गौरतलब है कि कि मिडिल ईस्ट युद्ध से संबंधित लॉकडाउन को लेकर सरकार की ओर से कोई घोषणा नहीं की गई है। बल्कि बीते दिनों सरकार की तरफ से साफ-साफ कहा गया कि देश में किसी भी तरह के लॉकडाउन को लेकर किसी तरह का प्रस्ताव या विचार नहीं है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह पोस्ट मजाक है, और इसे भ्रामक ही समझा जाए। इसे अप्रैल फूल डे पर प्रसारित किया गया है। जिसकी भाषा और लेआउट को देखकर लोग इसे असल समझ बैठे।
इस वायरल पोस्ट से यह भी पता चलता है कि कैसे एक भ्रामक पोस्ट के जरिए भय दिखाकर अफवाह को कितनी तेजी से फैलाया जा सकता है। जानकार सलाह देते हैं कि यूजर्स को किसी भी मैसेज को फॉरवर्ड करने से पहले हमेशा ऑफिशियल सोर्स से जांच कर लेनी चाहिए।