लाल किला सुरक्षा में बड़ी चूक, डमी बम के साथ दाखिल हुई स्पेशल सेल की टीम, 7 पुलिसकर्मी सस्पेंड

Red Fort Security Breach: स्वतंत्रता दिवस से पहले लाल किले में सुरक्षा की बड़ी चूक सामने आई। डमी बम के साथ मॉकड्रिल में टीम भीतर घुस गई और सुरक्षाकर्मी पहचान नहीं पाए। सात पुलिसकर्मी निलंबित किए गए।
lapse in Red Fort security
प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो: सोशल मीडिया
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Red Fort Security: स्वतंत्रता दिवस से पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्थित लाल किले की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। दरअसल, एक मॉक ड्रिल के दौरान डमी बम के साथ स्पेशल सेल की टीम लाल किला परिसर में दाखिल हो गई, जिसे वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी पहचान नहीं सके।

डमी बम को ना डिटेक्ट कर पाने को गंभीर लापरवाही मानते हुए दिल्ली पुलिस ने सात पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है, जिनमें कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल शामिल हैं।

मॉक ड्रिल में डमी बम के साथ दाखिल हुई टीम

स्पेशल सेल की एक टीम ने शनिवार को सिविल ड्रेस में मॉक ड्रिल की योजना बनाई थी। टीम के सदस्य डमी बम लेकर लाल किले के भीतर पहुंच गए। लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। इस घटना ने लाल किले की मौजूदा सुरक्षा चक्र की खामियों को उजागर कर दिया।

सुरक्षा में चूक पर तुरंत कार्रवाई

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त राजा बांठिया ने तत्काल कदम उठाते हुए सात पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया और पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी है। साथ ही, उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने, घेराबंदी को मजबूत करने और तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

15 अगस्त से पहले सुरक्षा में सेंध

लाल किला ना केवल ऐतिहासिक धरोहर है, बल्कि हर साल 15 अगस्त को प्रधानमंत्री यहीं से देश को संबोधित करते हैं। इस समारोह में राष्ट्रपति, विदेशी राजदूतों, सैन्य अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी रहती है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था में इस तरह की चूक राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिंताजनक है।

बांग्लादेशी घुसपैठिए भी गिरफ्तार

इसी कड़ी में एक और घटना ने चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली पुलिस ने लाल किला परिसर में जबरन घुसने की कोशिश कर रहे पांच बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। सभी की उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच है और ये दिल्ली में मज़दूरी करते हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये अवैध रूप से भारत में रह रहे थे और इनके पास से बांग्लादेशी दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।

आतंकियों के निशाने पर रहता है लाल किला

गौरतलब है कि लाल किला पहले भी आतंकी हमलों का निशाना बन चुका है, इसलिए स्वतंत्रता दिवस के आसपास इसकी सुरक्षा को Z+ स्तर पर रखा जाता है। इसके बावजूद डमी बम के साथ टीम का दाखिल हो जाना सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों पर सवालिया निशान लगा रहा है। इस घटना के बाद से पुलिस, IB और अन्य सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।

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