
महाराष्ट्र के डप्टी सीएम व बीजेपी नेता देवेन्द्र फडणवीस ([डिजाइन फोटो)
नई दिल्ली: दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी अपने नए अध्यक्ष की खोज में जुटी है। सूत्रों की मानें तो पार्टी के दिग्गज अंदरखानें मंथन में जुटे हुए हैं। प्रयास ये किए जा रहे हैं कि आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले नए अध्यक्ष का नाम तय कर दिया जाएगा। जिस तरह से पार्टी में अंदर खाने चर्चा चल रही है ठीक उसी तरह सियासी गलियारो में भी चर्चाएं जारी हैं। इन चर्चाओं में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस का नाम आगे चल रहा है।
भारतीय जनता पार्टी के वर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल 2022 खत्म हो गया था। जिसे लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बढ़ाकर 30 जून 2024 तक कर दिया गया था। 30 जून बीते हुए भी एक महीना हो गया है, लेकिन पार्टी नए अध्यक्ष का चयन नहीं कर पा रही है। लेकिन सियासी गलियारों में उन नामों पर चर्चा होने लगी है जो बीजेपी अध्यक्ष बनाए जा सकते हैं। इसमें सुनील बंसल, देवेन्द्र फडणवीस, तरुण चुघ और बीएल संतोष का नाम शामिल है।
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भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष के रूप में महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस का नाम रेस में आगे चल रहा है। कहा जा रहा है कि फडणवीस ही बीजेपी के नए बॉस होंगे। इसके पीछे कई सारे तर्क दिए जा रहा है। कई फायदे भी गिनवाए जा रहे हैं जिस वजह से देवेंद्र फडणवीस के अध्यक्ष बनने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
उनमें से सबसे बड़ा कारण बताया जा रहा है कि फडणवीस के अध्यक्ष बनने से बीजेपी और आरएसएस के बीच चल रही तनातनी खत्म हो सकती है। जिसकी मौजूदा वक्त में सबसे ज्यादा ज़रूरत है। देवेंद्र फडणवीस नागपुर से आते हैं। नागपुर में आरएसएस का मुख्यालय भी है। देवेन्द्र फडणवीस को संघ का करीबी माना जाता है। आरएसएस के शीर्ष नेताओं से उनके संबंध भी बेहतरीन हैं। वैसे तो पूरे देश की सियासत में आरएसएस इम्पैक्ट डालता है। लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति में यह प्रभाव कहीं ज्यादा देखने को मिलता है।
अगले कुछ महीनों में ही महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होने हैं। अब महाराष्ट्र में चुनाव हैं। ऐसे में देवेंद्र फडणवीस को पार्टी की कमान सौंपना डबल फायदा दे सकता है। एक तो महाराष्ट्र की जनता पर स्थानीय नेता के शीर्ष पद पर पहुंचने से असर पड़ेगा। जिन चार राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं उसमें सियासी तौर पर महाराष्ट्र ही सबसे बड़ा और अहम राज्य माना जा रहा है। ऐसे में चुनाव से पहले देवेंद्र फडणवीस को अध्यक्ष बनाना पार्टी को यहां फायदा दिला सकता है।
देवेंद्र फडणवीस एक साफ-सुथरी छवि के नेता हैं। ऐसे नेता को जब पार्टी की कमान दी जाती है तो विपक्ष के पास अध्यक्ष को निशाना बनाने का मौका नहीं रह जाता है। महाराष्ट्र में पिछले कुछ सालों में हुई जोड़-तोड़ की राजनीति के अलावा देवेंद्र फडणवीस पर और कोई भी आरोप नहीं हैं। न ही किसी भी तरह के भ्रष्टाचार में उनका नाम सामने आया है।
देवेंद्र फडणवीस की प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के साथ भी अच्छी ट्यूनिंग है। कहा जाता है वह महाराष्ट्र में पीएम मोदी की पहली पसंद हैं। इसके अलावा इन चर्चाओं का शोर भी तभी हुआ जब देवेन्द्र फडणवीस ने दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात की थी। यह भी एक वजह है कि उनका नाम अगले बीजेपी अध्यक्ष के लिए आगे देखा जा रहा है।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए में सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी ही है। बीजेपी ही एनडीए का नेतृत्व करती है। ऐसे में अध्यक्ष पद के लिए देवेंद्र फडणवीस सबसे ज्यादा उपयोगी माने जा रहे हैं। क्योंकि देवेन्द्र फडणवीस की हर सियासी पार्टी के बड़े नेताओं के साथ अच्छे संबंध हैं। इसीलिए कहा जा रहा है कि अगर फडणवीस को बीजेपी अध्यक्ष बनाया जाता है तो एनडीए भी और मजबूत हो सकता है।
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