

Ketan Agarwal Murder Case: 'प्यार दीवाना होता है, मस्ताना होता है...' सिनेमा और गानों में बेहद खूबसूरत लगने वाली मोहब्बत की ये डार्क साइड हिला देने वाली है। आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि देश में मर्डर की तीसरी सबसे बड़ी वजह खुद प्यार और अवैध संबंध बन चुके हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में होने वाले कुल कत्ल के मामलों में से हर 10वां मामला (करीब 10%) लव अफेयर्स या अवैध संबंधों से जुड़ा होता है।
अखबारों और न्यूज चैनलों की सुर्खियां खंगालें, तो ऐसे कई रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले सामने आते हैं, जहां प्यार में अंधे होकर किसी ने मंगेतर की जान ली, तो किसी ने अपने हमसफर को ही रास्ते से हटा दिया। पहले इंदौर, मेरठ और पुणे की घटना ने एक बार फिर प्यार और मोहब्बत को मौत का जिम्मेदार साबित कर दिया है।
अप्रैल महीने में मुंबई के विरार में 27 साल के एक युवक ने अपनी ही मंगेतर और उसकी मां को मौत के घाट उतार दिया था, क्योंकि मां ने इस शादी से इनकार कर दिया था। उससे पहले फरवरी महीने में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से एक हैरान करने वाली घटना आई, जहां 22 साल की एक लड़की ने अपने 25 वर्षीय बॉयफ्रेंड को चाकू से गोदकर मार डाला। वजह सिर्फ इतनी थी कि लड़के ने उसे इंस्टाग्राम पर ब्लॉक कर दिया था।
ताजा मामला पुणे से सामने आया है, जहां सिया गोयल (Siya Goyal) नाम की लड़की पर अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या का आरोप लगा है। पुलिस छानबीन के मुताबिक, सिया ने अपने बॉयफ्रेंड चेतन के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया और इसे हादसे का रूप देने की कोशिश की। पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया है।
इसी तरह मार्च 2025 में मेरठ के सौरभ राजपूत की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। सौरभ की पत्नी मुस्कान ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर उसे मारा और लाश को छुपाने के लिए नीले रंग के ड्रम में कंक्रीट भरकर कफन बना दिया। प्यार की ये खूनी सनक सिर्फ पार्टनर्स तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार भी इसकी जद में आ रहे हैं। 23 जून को बेंगलुरु से आई खबर ने सबको स्तब्ध कर दिया, जहां एक लड़की ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर अपने ही माता-पिता और छोटी बहन की हत्या कर दी।
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों से साफ है कि देश में आपसी रंजिश और पैसों के विवाद के बाद हत्या की तीसरी सबसे बड़ी वजह प्यार-मोहब्बत ही है।
| पैमाना (साल 2024) | आंकड़े और प्रतिशत |
| देशभर में कुल हत्याएं | 27,049 मामले |
| लव अफेयर्स/अवैध संबंधों के कारण मर्डर | 2,802 मामले |
| कुल हत्याओं में हिस्सेदारी | लगभग 10% (हर 10 में से 1 कत्ल) |
| 19 मेट्रो शहरों में ऐसी हत्याएं | 187 मामले (कुल लव अफेयर मर्डर्स का 6.6%) |
(सोर्स- NCRB) साल 2010 से 2014 के बीच देश में होने वाली कुल हत्याओं में लव अफेयर्स का ग्राफ 7 से 8 प्रतिशत के बीच रहता था। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि 2016 से 2024 के बीच (जब देश में कुल हत्याओं के मामलों में गिरावट देखी गई है) लव अफेयर से जुड़े कत्ल का आंकड़ा बढ़कर 10 से 11% तक पहुंच गया है।
सवाल उठता है कि जो एहसास दो दिलों को जोड़ता है, वह किसी की जान लेने पर आमादा कैसे हो जाता है? साल 2021 में चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेस (CAS) के इंस्टीट्यूट ऑफ साइकोलॉजी के प्रोफेसर वेन क्वी चेन ने एक अहम स्टडी की थी, जिसका नाम था 'Analysis of the Psychological Factors of Love Murder Cases'।
1. ब्रेकअप: जब रिश्ता टूट जाता है। 2. तीसरा शख्स: जब दो लोगों की लाइफ में कोई और आ जाता है। 3. बेवफाई: जब पार्टनर से धोखा मिलता है। 4. रिजेक्शन: जब सामने वाला प्यार या शादी का प्रस्ताव ठुकरा देता है।
पहली स्थिति: जब लाइफ में किसी तीसरे की एंट्री होती है, तो वह तीसरा व्यक्ति पार्टनर की नजर में 'दुश्मन' बन जाता है। दूसरी स्थिति: जब कोई एक पार्टनर ब्रेकअप स्वीकार करने को तैयार नहीं होता, तो वह अपने पुराने पार्टनर या उसके नए साथी को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मान बैठता है। तीसरी स्थिति: जब पार्टनर चीटिंग करता है, तो रिश्ता बचाने की चाह रखने वाला व्यक्ति तीसरे शख्स (जिसके साथ चीटिंग की जा रही है) को रास्ते से हटाने की साजिश रचने लगता है।
आसान भाषा में हम इसको कुछ ऐसे समझ सकते हैं- जब दो लोगों के खूबसूरत रिश्ते में जब शक, बेवफाई, रिजेक्शन या किसी तीसरे की एंट्री होती है, तो कुछ कमजोर या सनकी मानसिकता वाले लोग अपराध का रास्ता चुन लेते हैं, जिससे हंसते-खेलते परिवार हमेशा के लिए तबाह हो जाते हैं।