

Kerala Government OBC Inclusion: केरल सरकार ने बलिजा और इससे जुड़े कई समुदायों को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) सूची में शामिल करने का बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिससे इन समुदायों को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिल सकेगा।
केरल सरकार ने सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बलिजा (Balija) और उससे संबंधित कई जातियों को राज्य की अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) सूची में शामिल करने का निर्णय लिया है। यह फैसला राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए लिया गया है।
मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। यह कदम इन समुदायों के लिए सरकारी नौकरियों, शिक्षा और अन्य आरक्षण सुविधाओं में लाभ का मार्ग प्रशस्त करेगा,। इस निर्णय से प्रभावित समुदायों में खुशी की लहर है, और विशेषज्ञ इसे सामाजिक समावेशन की दिशा में सकारात्मक कदम मान रहे हैं। यह जानकारी 18 दिसंबर 2025 को तिरुवनंतपुरम से अपडेट की गई।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि आठ अलग-अलग समुदायों को केरल में ओबीसी श्रेणी में शामिल किया जाएगा। जिन जातियों को यह दर्जा मिला है, उनमें बालिजा, कवराई, गवारा, गवराई, गवराई नायडू, बालिजा नायडू, गजालु बालिजा और वलाई चेट्टी शामिल हैं। इन समुदायों को ओबीसी सूची में शामिल करने का फैसला केरल राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सलाह पर लिया गया है, जिसका सीधा उद्देश्य पिछड़े वर्गों की बेहतरी सुनिश्चित करना है।
इस आरक्षण लाभ को लागू करने के लिए जल्द ही संबंधित आदेश जारी होंगे। इसके तहत, केरल स्टेट एंड सबऑर्डिनेट सर्विसेज रूल्स 1958 की पार्ट II शेड्यूल लिस्ट III में आइटम नंबर 49 B में संशोधन किया जाएगा। मौजूदा एंट्री 'नायडू' को बदलकर विस्तृत किया जाएगा।
नई संशोधित एंट्री में 'नायडू' के साथ इन सभी जातियों के नाम कोष्ठक में जोड़े जाएंगे: 'नायडू (बालिजा, कवराई, गवारा, गवराई, गवराई नायडू, बालिजा नायडू, गजालु बालिजा या वलाई चेट्टी)'। यह संशोधन सुनिश्चित करेगा कि इन सभी समुदायों को राज्य की ओबीसी सूची के तहत आधिकारिक तौर पर आरक्षण का लाभ मिल सके।