करूर भगदड़ हादसा: टीवीके जिला सचिव मथियाझागन गिरफ्तार, 41 की मौत पर उठे सवाल

तमिलनाडु के करूर में टीवीके नेता विजय की चुनावी रैली के दौरान हुई भगदड़ मामले में पुलिस ने पार्टी के पश्चिमी जिला सचिव मथियाझागन को गिरफ्तार किया है। हादसे में 41 लोगों की मौत हो चुकी है।
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प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया
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TVK Rally Stampede: करूर में टीवीके नेता विजय की चुनावी रैली के दौरान हुई भगदड़ मामले में पुलिस ने पार्टी के पश्चिमी जिला सचिव मथियाझागन को गिरफ्तार किया है। इसमें 41 लोगों की मौत हो चुकी है और अब तक 51 घायलों की स्थिति स्थिर है। मामले में अब तक पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

27 सितंबर को करूर में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके की चुनावी रैली के दौरान मची भगदड़ में अब तक 41 लोगों की जान जा चुकी है। सोमवार को जांच में अहम मोड़ आया जब पुलिस ने पार्टी के पश्चिमी जिला सचिव मथियाझागन को गिरफ्तार कर लिया। इस हादसे ने राज्य सरकार, आयोजकों और सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बिजली गुल होते ही मच गई अफरातफरी

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रैली के दौरान अचानक बिजली गुल हो गई, जिससे भीड़ में भगदड़ की स्थिति बन गई। उपस्थित लोग अतिरिक्त लाइट्स और निकास द्वारों की ओर भागने लगे, जिससे हालात बेकाबू हो गए। इसमें महिलाएं और बच्चे भी चपेट में आ गए। हादसे में 110 लोग घायल हुए, जिनमें से 51 अब तक रिकवर हो चुके हैं।

टीवीके नेताओं पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज

पुलिस ने टीवीके के महासचिव आनंद, संयुक्त महासचिव निर्मलकुमार और जिला सचिव मथियाझागन के खिलाफ पांच गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। इन धाराओं में मानव जीवन को खतरे में डालने और सार्वजनिक व्यवस्था का उल्लंघन करने जैसे आरोप शामिल हैं। मथियाझागन की गिरफ्तारी से साफ है कि पुलिस इस मामले में तेजी से कार्रवाई कर रही है।

जांच अधिकारी बदला, हाई-लेवल इनक्वायरी शुरू

पहले इस केस की जांच करूर के डीएसपी सेल्वराज को सौंपी गई थी, लेकिन अब अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रेमानंद को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। यह निर्णय राज्य के शीर्ष पुलिस नेतृत्व द्वारा लिया गया, ताकि मामले की निष्पक्ष और उच्च-स्तरीय जांच सुनिश्चित की जा सके।

सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों की भी गिरफ्तारी

घटना के बाद सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारियां फैलाने के आरोप में तीन लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। इनमें भाजपा के पेरुम्बक्कम से सागायम, टीवीके के शिवनेसन और सोशल मीडिया प्रशासक सरथकुमार का नाम शामिल है। इन पर अफवाह फैलाकर शांति भंग करने का आरोप है।

सीएम स्टालिन और विपक्ष आमने-सामने

मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने इस हादसे को बेहद दुखद बताया और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं और राहत कार्य चल रहे हैं। स्टालिन ने जनता से संयम बरतने की अपील करते हुए अफवाहों से दूर रहने को कहा। वहीं विपक्षी अन्नाद्रमुक नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने राज्य सरकार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “यह भयावह घटना प्रशासनिक विफलता का परिणाम है। सरकार को जवाब देना चाहिए कि भीड़ नियंत्रण के उचित उपाय क्यों नहीं किए गए।”

विजय ने 20 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की

टीवीके प्रमुख विजय ने इस हादसे को ‘हृदय विदारक’ बताते हुए प्रत्येक मृतक परिवार के लिए 20 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है। साथ ही, उन्होंने निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोहराई न जाए।

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