

BJP Cross-Voting in Karnataka: अक्सर चुनाव के दौरान विरोधी दलों के सदस्यों द्वारा BJP के पक्ष में मतदान की खबरें आती रही हैं। लेकिन इस बार कर्नाटक इसके उलट कुछ ऐसा हुआ, जिसने भाजपा आलाकमान की नींद उड़ा दी है। कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में BJP और JDS के कई विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवार क लिए क्रॉस वोटिंग की। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की इस सियासी चाल से कांग्रेस के सभी 5 उम्मीदवारों को जीत मिली है। दूसरी तरफ NDA की सहयोगी पार्टी JD(S) के उम्मीदवार को करारी शिकस्त मिली है।
कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में मिली इस हार से भाजपा खेमे में हड़कंप मच गया है। अब इन सभी चीजों की जांच के लिए बाजपा ने कमेटी गठित कर दी है। दूसरी तरफ बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने प्रदेश अध्यक्ष समेत कई नेताओं को दिल्ली तलब किया है।
भाजपा ने कर्नाटक विधान परिषद चुनाव के दौरान पार्टी विधायकों द्वारा कथित क्रॉस-वोटिंग से जुड़े मामले का पता लगाने के लिए तीन सदस्यों की एक कमेटी गठित की है। भाजपा ने इस मामले में आंतरिक जांच कराने का फैसला किया है। क्रॉस वोटिंग मामले की इस कमेटी में पूर्व मंत्री और MLC सी.टी. रवि, BJP के राज्य उपाध्यक्ष एन. महेश तथा विधायक महेश तेंगिनाकाई को शामिल किया गया है।
जांच कमेटी को निर्देश दिया गया है कि वो मामले की विस्तार से जांच करे और 25 जून या उससे पहले भी पार्टी नेतृत्व को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपे। कर्नाटक MLC चुनाव के दौरान हुई क्रॉस वोटिंग को लेकर भाजपा हाईकमान भी सख्त नजर ई रहा है। पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ने कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र और अन्य पार्टी नेताओं को दिल्ली तलब किया है।
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने शुक्रवार को कहा कि विधान परिषद चुनाव में पार्टी विधायकों द्वारा कथित क्रॉस वोटिंग को भाजपा ने गंभीरता से लिया है और दोषी पाए जाने वाले नेताओं के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।