न्यायमूर्ति संजीव खन्ना होंगे भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश, कल लेंगे पद व गोपनीयता की शपथ

निवर्तमान सीजेआई धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ के रविवार को सेवानिवृत्त हो जाने के बाद न्यायमूर्ति खन्ना को पदभार ग्रहण कराया जाने वाला है। वह देश मुख्य न्यायाधीश के रूप में केवल छह महीने तक पद पर रह पाएंगे। उसके बाद सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
न्यायमूर्ति संजीव खन्ना होंगे भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश, कल लेंगे पद व गोपनीयता की शपथ
वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव खन्ना (फाइल फोटो, सौ. से सोशल मीडिया)
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नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव खन्ना सोमवार को यहां राष्ट्रपति भवन में भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कल सुबह 10 बजे उन्हें पद की शपथ दिलाएंगी। निवर्तमान सीजेआई धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ रविवार को सेवानिवृत्त हो गए। इसके बाद न्यायमूर्ति खन्ना को पदभार ग्रहण कराया जा रहा। वह देश मुख्य न्यायाधीश के रूप में अपना छह महीने का कार्यकाल पूरा करेंगे।

भारत सरकार ने हाल ही में न्यायमूर्ति संजीव खन्ना को भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की औपचारिक अधिसूचना जारी की, जो 11 नवंबर, 2024 से प्रभावी होगी। विधि एवं न्याय मंत्रालय ने अपनी अधिसूचना में बताया है कि राष्ट्रपति ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 124 के खंड (2) के तहत न्यायमूर्ति खन्ना को देश के सर्वोच्च न्यायिक पद पर नियुक्त किया है।

न्यायमूर्ति संजीव खन्ना का जन्म 14 मई, 1960 को हुआ था। संजीव खन्ना ने 1983 में दिल्ली बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में शामिल होकर अपने कानूनी करियर की शुरुआत की। उन्हें संवैधानिक कानून, कराधान, मध्यस्थता, वाणिज्यिक कानून और पर्यावरण कानून सहित कानूनी क्षेत्रों की एक विस्तृत अनुभव है। न्यायमूर्ति खन्ना ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते हुए आयकर विभाग के वरिष्ठ स्थायी वकील के रूप में भी काम किया।

इसके पहले अपने अंतिम कार्य दिवस पर, भारत के निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश, डीवाई चंद्रचूड़ अपने कार्यकाल को याद करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि ज़रूरतमंदों की सेवा करने में सक्षम होने से बड़ी कोई भावना नहीं है। शुक्रवार को अपने भावपूर्ण विदाई भाषण में सीजेआई चंद्रचूड़ ने पिछली पंक्ति में बैठने वाले कानून के छात्र से लेकर सुप्रीम कोर्ट की अध्यक्षता करने तक के अपने सफर को साझा किया। उन्होंने राष्ट्र की सेवा करने के सम्मान को व्यक्त किया और इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे कार्यालय में प्रत्येक दिन पेशेवर विकास और व्यक्तिगत विकास दोनों के अवसर प्रदान करता है।

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