

जम्मू: जम्मू-कश्मीर में जहां विधानसभा चुनाव का एलान हो चुका है। वहीं चुनाव आयोग ने केंद्रशासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखों का भी एलान कर दिया है। चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के अनुसार जम्मू-कश्मीर में तीन चरणों में चुनाव होंगे। उसके साथ ही पहले चरण के चुनाव की अधिसूचना आज 20 अगस्त को जारी होगी।
जानकारी दें कि इस बार जम्मू कश्मीर में विधानसभा की सीटें बढ़ाकर 90 कर दी गई है, यहां तीन चरणों 18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को वोटिंग कराई जाएगी। राज्य के चुनाव का रिजल्ट आगामी 4 अक्टूबर को जारी किया जाएगा।
चुनाव आयोग के अनुसार जम्मू में अब 43 और कश्मीर में 47 सीटें होंगी। वहीं जम्मू रीजन में सांबा, कठुआ, राजौरी, किश्तवाड़, डोडा और उधमपुर में एक-एक सीट बढ़ाई गई है। कश्मीर रीजन के कुपवाड़ा में भी 1 सीट बढ़ाई गई है।
चुनाव आयोग की मानें तो जम्मू कश्मीर में इस समय 87.09 लाख मतदाता हैं, जिसमें 20 लाख से ज्यादा इस बार युवा हैं। जम्मू कश्मीर में आज 20 अगस्त 2024 को वोटर लिस्ट जारी की जाएगी।
बतो दें कि जम्मू कश्मीर में पहले चरण की वोटिंग को लिए नोमिनेशन की अंतिम तारीख 27 अगस्त 2024 है। नोमिनेशन के स्क्रूटनी की अंतिम तारीख 28 अगस्त और नाम वापसी की तारीख 30 अगस्त रखी गई है। वहीं इसके बाद 18 सितंबर 2024 में 24 सीटों पर मतदान होंगे।
वहीं दुसरे चरण की 26 सीटों पर आगामी 25 सितंबर को मतदान होंगे। दूसरे फेज के लिए नोमिनेशन की अंतिम तारीख 5 सितंबर है। इसके साथ ही स्क्रूटनी की अंतिम तारीख 6 सितंबर और कैंडिडेट के नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 सितंबर 2024 रखी गई है।
अहर तीसरे चरण के चुनाव की बात करें तो नोमिनेशन की अंतिम तारीख 12 सितंबर रखी है। वहीं स्क्रूटनी की अंतिम तारीख 13 सितंबर और कैंडिडेट के नाम वापसी की लास्ट डेट 17 सितंबर 2024 रखी गई है। तीसरे चरण में यहां की 40 सीटों पर मतदान होने हैं।
जानकारी दें कि जम्मू-कश्मीर में आखीरी विधानसभा चुनाव साल 2014 में हुए थे। ऐसे में जम्मू-कश्मीर में दस साल बाद इस बार चुनाव होने जा रहे हैं। साल 2014 में 87 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ था। तब इस चुनाव में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) को 28 सीटें मिली थीं।
वहीं, तब भारतीय जनता पार्टी दूसरे नंबर पर रहते हुए 25 सीटें हासील की थीं। साल 2014 के चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस को 15 तो कांग्रेस को 12 ही सीटें मिली थीं। इस तरह देखा जाए तो तब किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला था। जिसके बाद पीडीपी और BJP ने मिली-जुली सरकार बनाई थी। वहीं साल 2018 में BJPऔर पीडीपी के गठबंधन वाली सरकार गिर गई थी। तब आपसी मतभेद के चलते BJP ने अपना समर्थन वापस ले लिया था। इस सरकार गिरने के बाद जम्मू-कश्मीर क़रीब 6 सालों तक केंद्र सरकार के शासन में ही रहा ।