एप्पल को भेजा गया नोटिस, CERT-In ने शुरू की जांच: IT सचिव

IT Ministry Notice sent to Apple
सूचना और प्रौद्योगिकी सचिव एस कृष्णन
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नई दिल्ली: सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस कृष्णन (S Krishnan) ने  गुरुवार को कहा कि विपक्षी दलों के सांसदों ने एप्पल (Apple) की ओर से उन्हें भेजे गए चेतावनी के संदेश का जो मुद्दा उठाया था। उसकी जांच सीईआरटी-इन (CERT-In) ने शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि इस सिलिसले में कंपनी को नोटिस भी भेजा गया है।

एप्पल को नोटिस 

IT सचिव ने उम्मीद जताई की एप्पल इस मुद्दे पर CERT-In की जांच में सहयोग करेगा। कृष्णन ने कहा कि CERT-In ने अपनी जांच शुरू कर दी है। एप्पल इस जांच में सहयोग करेंगे। भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया टीम या CERT-In कंप्यूटर सुरक्षा से संबंधित घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने के लिए राष्ट्रीय नोडल एजेंसी है। यह पूछे जाने पर कि क्या एप्पल को नोटिस भेजा गया है? उन्होंने कहा, ‘हां'। 

सेंधमारी के प्रयास के बारे में एप्पल से चेतावनी संदेश

विपक्ष के कई नेताओं ने मंगलवार को दावा किया कि उन्हें उनके आईफोन (iPhone) में ‘सरकार प्रायोजित सेंधमारी के प्रयास के बारे में एप्पल से चेतावनी संदेश मिला है तथा इस कथित हैकिंग के प्रयास के लिए सरकार जिम्मेदार है। केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है और कहा कि सरकार इसकी गहन जांच कराएगी।

 इन नेताओं को मिली थी चेतावनी

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी नेता केसी वेणुगोपाल, शशि थरूर, पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत एवं टी एस सिंहदेव, शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी, तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा, आम आदमी पार्टी (AAP) के राघव चड्ढा, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को इसी तरह का संदेश मिला है।

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