

नई दिल्ली: इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) आज 16 अगस्त को अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट-8 (EOS-08) को लॉन्च करेगा। इस सैटेलाइट को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से SSLV-D3 लॉन्च व्हीकल की मदद से लॉन्च किया जाएगा।
हालांकि इससे पहले ISRO ने बीते 15 अगस्त को इसकी लॉन्चिंग की तारीख तय की थी। हालांकि इस देरी के पीछे किसी प्रकार का कारण नहीं बताया गया लेकिन ISRO ने लॉन्च की अपडेटेड जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ही दी थी।
दरअसल इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) ने बीते 13 अगस्त को कहा था कि उसका नवीनतम अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट-8 (EOS-08) अब 16 अगस्त यानी आज अपने लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (SSLV)-D3 की तीसरी और अंतिम विकासात्मक उड़ान के जरिए प्रक्षेपित किया जाएगा। इससे पहले अंतरिक्ष एजेंसी ने घोषणा की थी कि सैटेलाइट 15 अगस्त को किया जाएगा। इसरो ने लॉन्चिंग एक दिन बाद करने की कोई वजह नहीं बताई थी।
ISRO ने कहा था कि EOS-08 मिशन के प्राथमिक उद्देश्यों में एक सूक्ष्म-उपग्रह का डिजाइन और उसका विकास करना, सूक्ष्म-उपग्रह बस के साथ संगत पेलोड उपकरणों का निर्माण करना और भविष्य के परिचालन उपग्रहों के लिए आवश्यक नई प्रौद्योगिकियों को जोड़ना शामिल है। ISRO के मुताबिक, EOS-08 मिशन का उद्देश्य माइक्रो सैटेलाइट डिजाइन को और अधिक विकसित करना है।
इस बाबत एजेंसी ने बीते सोमवार को सोशल मीडिया मंच 'X' पर लिखा, "SSLV-D3/EOS-08 मिशन: SSLV की तीसरी विकासात्मक उड़ान का प्रक्षेपण 16 अगस्त, 2024 को एक घंटे की ‘लॉन्च विंडो' में भारतीय समयानुसार सुबह नौ बज कर 17 मिनट पर शुरू होने वाला है।'' यह प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किया जाएगा। इस मिशन से SSLV विकास परियोजना पूरी हो जाएगी। अंतरिक्ष यान की मिशन आयु एक वर्ष है। इसका द्रव्यमान करीब 175.5 किलोग्राम है और यह करीब 420 वाट ऊर्जा पैदा करता है।
जानकारी दें कि EOS-08 अपने साथ तीन पेलोड ले जाएगा। इनमें इलेक्ट्रो आप्टिकल इन्फ्रारेड पेलोड (EOIR), ग्लोबल नेविगेशन सेटेलाइट सिस्टम-रिफ्लेक्टोमेट्री पेलोड (GNSS-R) और सीआइसी यूवी डोसीमीटर शामिल हैं। EOS-08 पेलोड को उपग्रह आधारित निगरानी, आपदा निगरानी, पर्यावरण निगरानी के लिए तस्वीरें खींचने के लिए खास तौर से डिजाइन किया गया है।