मिडिल ईस्ट संकट के बीच मंत्रालयों की संयुक्त प्रेस वार्ता, लेबनान की स्थिति पर सरकार ने जताई चिंता

Middle East Crisis: सरकार ने स्पष्ट किया कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की विद्युत प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित है। वर्तमान में देश की स्थापित क्षमता 531 गीगावाट पार कर चुकी है।
Inter-ministerial briefing
संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा, (सोर्स- PIB)
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Middle East Crisis India Update: मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में बदलती स्थितियों के बीच भारत सरकार ने देशवासियों को ऊर्जा और आपूर्ति सुरक्षा के प्रति आश्वस्त किया है। शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता में पेट्रोलियम, विदेश, विद्युत और शिपिंग मंत्रालय के अधिकारियों ने भारत की तैयारियों का ब्योरा साझा किया।

सरकार ने स्पष्ट किया कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की विद्युत प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित है। वर्तमान में देश की स्थापित क्षमता 531 गीगावाट पार कर चुकी है, जिसमें 50% से अधिक योगदान गैर-जीवाश्म स्रोतों का है। गर्मी की मांग को देखते हुए थर्मल पावर प्लांट के मेंटेनेंस को टाल दिया गया है ताकि 10,000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध रहे।

सरकार की आम जनता से अपील

ईंधन के मोर्चे पर, पेट्रोलियम मंत्रालय ने नागरिकों से 'पैनिक बाइंग' (घबराहट में खरीदारी) न करने की अपील की है। एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए अब तक 1.2 लाख छापे मारे गए हैं और 57,000 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। उद्योग जगत में ऑनलाइन बुकिंग 98% तक बढ़ गई है, जो व्यवस्था की पारदर्शिता को दर्शाता है।

भारतीय नागरिकों की घर वापसी

पोर्ट्स एंड शिपिंग मिनिस्ट्री ने बताया कि भारतीय बंदरगाहों पर कोई भीड़भाड़ (कंजेशन) नहीं है और परिचालन सुचारू है। सरकार ने अब तक खाड़ी क्षेत्र से 1,927 भारतीय नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित की है। विशेष रूप से कांडला और जेएनपीटी बंदरगाहों पर कंटेनरों के संचय में 90% से अधिक की कमी आई है।

लेबनान पर सरकार ने चिंता जताई

विदेश मंत्रालय ने लेबनान में बढ़ते नागरिक हताहतों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन और राज्यों की संप्रभुता के सम्मान पर जोर दिया। वर्तमान में भारतीय दूतावास लेबनान में मौजूद भारतीय समुदाय के साथ चौबीसों घंटे संपर्क में है।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों पर भारतीय मंत्री ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए खाड़ी देशों का दौरा कर रहे हैं। भारत और मॉरीशस के बीच तेल-गैस आपूर्ति समझौते को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जबकि कतर ने भारत के लिए एक भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्तिकर्ता बने रहने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

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