

Indian Railway Waste Management Rules 2026: देश में रेलवे स्टेशनों की साफ-सफाई को और बेहतर बनाने के लिए भारतीय रेलवे एक नई पहल शुरू करने जा रही है। रेलवे के इस पहल का उद्देश्य स्टेशनों पर कचरा प्रबंधन को और प्रभावी बनाना है, जिससे कि रेलवे स्टेशन साफ रहे। रेलवे द्वारा शुरू इस नई पहल के तहत अब प्लेटफॉर्म पर तीन नहीं, बल्कि चार तरह के बॉक्स दिखाई देंगे। इसमें यात्रियों को अलग-अलग श्रेणियों में कचरा डालना होगा।
रेलवे द्वारा स्टेशन परिसरों में सफाई व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए लाया गया सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2026 का नियम 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी हो गए हैं। यह रेलवे का यह नियम 2016 में आए नियमों की जगह लेंगे। रेलवे की इस नई व्यवस्था के तहत कैटरिंग यूनिट्स, स्टेशन और कार्यशालाओं जैसे ज्यादा कचरा उत्पन्न करने वाले प्रतिष्ठानों को अब स्वयं ही अपने स्तर पर कचरे का उपयुक्त प्रबंधन करना अनिवार्य होगा।
रेलवे स्टेशनों पर आप कुछ खाने के बाद जब बचे हुए कचरे को डस्टबिन में डालने जाते हैं तो वहां तीन तरह के बॉक्स दिखते हैं। उसी में कचरे को डालते आए हैं, लेकिन क्या आपको पता है अब कचरे के लिए तीन नहीं चार बॉक्स दिखते नजर आएंगे। जी हां। रेलवे की इस नई पहल के तहत अब यात्रियों को कचरे की प्रकृति के अनुसार चार प्रकार के बॉक्स उपलब्ध होगी। ये चार श्रेणियों में विभाजित बॉक्स इस तरह होगा, जैसे- गीला कचरे, जैसे-फल के छिलके, बचा हुआ खाने का बॉक्स, सूखे कचरे, जैसे-कागज, प्लास्टिक की बोतल का बॉक्स, सैनिटरी कचरा, जैसे- डायपर या सैनिटरी पैड और विशेष कचरा, जैसे-खराब दवाएं या बल्ब इत्यादि का बॉक्स। चार बॉक्स के पीछे का उद्देश्य कचरे का सही और वैज्ञानिक तरीके से निपटान करना है।
रेलवे की इस नई व्यवस्था अभी कुछ चुनिंदा स्टेशनों पर ही होगी। यह व्यवस्था अभी कानपुर सेट्रंल, लोकमान्य तिलक टर्मिनस, नई दिल्ली, प्रयागराज, हावड़ा जंक्शन, चेन्नई सेंट्रल, गोरखपुर जंक्शन और लखनऊ चारबाग जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ही मिलेगी। इस संबंध में रेलवे बोर्ड ने संबंधित जोनों को निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे कि कचरा प्रबंधन को और प्रभावी तथा आधुनिक बनाया जा सके।
रेलवे की इस नई व्यवस्था में अब कचरा इकट्ठा करने के साथ-साथ उसके रिसाइक्लिंग और पुराने कचरे को समय पर निपटान करने पर जोर दिया गया है। रेलवे बोर्ड के मुताबिक कचरे के संग्रह से निस्तारण तक की पूरी प्रक्रिया को अब और अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाया जाएगा। साथ ही स्टेशनों और पटरियों के आसपास कचरा फैलाने वालों पर भी और सख्ती बरतने के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा।