PoK में पाकिस्तान के कत्ल-ए-आम पर भड़का भारत, कहा- जिसे भारत के खिलाफ बनाया हथियार, वही बने चुनौती

PoK Protest: MEA ने PoK में प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तान की कार्रवाई की निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की। भारत ने पाकिस्तान से मानवाधिकार उल्लंघनों पर जवाबदेही तय करने की अपील की।
PoK is an integral part of India... India takes a firm stand on elections in PoK; MEA calls it an attempt to legitimize illegal occupation.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (सोर्स- IANS)
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India on PoK Protest: भारत ने शुक्रवार को पाक के कब्‍जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पाकिस्तान की ओर से की जा रही कार्रवाई की कड़ी आलोचना की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान की गतिविधियों की जांच करने तथा उसे इन अत्याचारों के लिए जवाबदेह ठहराने की अपील की।

नई दिल्ली में शुक्रवार को आयोजित विदेश मंत्रालय (एमईए) की नियमित प्रेस ब्रीफिंग में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पीओजेके के लोगों के प्रति पाकिस्तान के रवैये का अंदाजा उसके रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान से लगाया जा सकता है, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों को देश का 'दुश्मन' बताया था।

40 से ज्यादा बेगुनाह लोगों की मौत

जायसवाल ने कहा, "पाकिस्तान लगातार पाकिस्तान-अधिकृत जम्मू-कश्मीर में शांतिपूर्ण नागरिकों पर बेहद कठोर कार्रवाई कर रहा है। इस कार्रवाई में 40 से ज्यादा बेगुनाह लोगों की जान जा चुकी है और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पीओजेके के आम लोगों के प्रति प्रशासन की पूरी बेरुखी तब साफ दिखाई दी, जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने प्रदर्शन कर रहे नागरिकों को देश का दुश्मन बता दिया।" ख्वाजा आसिफ ने पीओजेके में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा था कि वह प्रदर्शनकारियों को 'भारत जैसा दुश्मन' मानते हैं।

जायसवाल ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के राजनीतिक मामलों के विशेष सहायक राणा सनाउल्लाह की हालिया टिप्पणियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राणा सनाउल्लाह ने खुले तौर पर स्वीकार किया कि पाकिस्तान ने जिन 'मुजाहिदीन' को प्रशिक्षित किया, उन्हें धन दिया, हथियार दिए और भारत भेजा, वही अब पाकिस्तान के खिलाफ खड़े हो गए हैं और पाक के लिए चुनौती बन गए हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जांच की मांग

उन्होंने कहा, "कथित चुनाव पाकिस्तान के प्रशासन के लिए एक बड़ी शर्मनाक अस्वीकृति साबित हुए हैं। हिंसक कार्रवाई का सामना कर रहे वहां के लोगों ने गैरकानूनी हत्याओं की स्वतंत्र जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय संगठनों से मदद मांगी है। हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह करते हैं कि वह पाकिस्तान की कार्रवाई की जांच करे और उसे उसके अत्याचारों के लिए जवाबदेह ठहराएं।"

पाकिस्तानी कब्‍जे वाले कश्मीर में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) की ओर से आयोजित विरोध प्रदर्शनों और लॉन्ग मार्च के दौरान 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। जेएएसी सहित कई सोशल मीडिया अकाउंट्स पर शेयर किए गए वीडियो में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कथित सख्ती और कार्रवाई दिखाई गई है।

अब तक 100 से अधिक लोगों की मौत

गुरुवार को सोशल मीडिया पर शेयर किए गए कुछ वीडियो में देखा गया कि पीओके के कोटली इलाके में शांतिपूर्ण रैली के दौरान पुलिस की गोलीबारी किए जाने के बाद महिला प्रदर्शनकारी अपनी जान बचाने के लिए भागती नजर आईं। रावलाकोट, मीरपुर और कब्जे वाले क्षेत्र के अन्य हिस्सों समेत पूरे इलाके में चल रहे प्रदर्शनों के दौरान कई नागरिकों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।

स्थानीय संगठनों ने गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि पांच जून से अब तक 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, कई सौ लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, और सैकड़ों लोगों को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की ओर से कथित तौर पर गायब कर दिया गया है।

-एजेंसी इनपुट के साथ

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