भारत ने मनवाया लोहा...4 बिलियन के पार हुआ डिफेंस एक्सपोर्ट, अमेरिका-इजरायल समेत कई देश हुए ब्रह्मोस के मुरीद

Indian Arms Export: भारत ने रक्षा निर्यात में ₹38,424 करोड़ का नया रिकॉर्ड बनाया है। ब्रह्मोस और पिनाका जैसे स्वदेशी हथियारों के दम पर भारत अब अमेरिका और फ्रांस समेत 100 देशों को हथियार बेच रहा है।
India Defence Export
4 अरब के पार हुआ भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट (सोर्स- सोशल मीडिया)
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India Defence Export: भारत ने पिछले वित्त वर्ष में स्वदेशी रक्षा उत्पादों के निर्यात में नया रिकॉर्ड स्थापित किया है, जो चार अरब डॉलर (करीब ₹38,424 करोड़) से ज्यादा का है। यह आंकड़ा 2024 के मुकाबले 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है। भारतीय रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह उपलब्धि भारत को वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह निर्यात भारतीय रक्षा उद्योग की मजबूती और आत्मनिर्भरता को दर्शाता है। भारत के रक्षा निर्यात में सरकारी कंपनियों का योगदान 55 प्रतिशत है, जबकि बाकी का उत्पादन निजी क्षेत्र की कंपनियों ने किया है। इससे यह भी जाहिर होता है कि भारत का रक्षा इकोसिस्टम अब मजबूत हो चुका है। भारत अब 100 से ज्यादा देशों को रक्षा उपकरणों का निर्यात करता है, जिनमें  अमेरिका, फ्रांस और इजरायल जैसे देशों का नाम शामिल है।

कौन से हथियार निर्यात करता है भारत?

भारत की प्रमुख रक्षा निर्यात वस्तुएं मिसाइल सिस्टम, बोट्स, तोपखाने, रडार सिस्टम, रॉकेट लॉन्चर और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' की नीतियों ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दी है। भारत ने कई मित्र देशों को भी अपनी रक्षा सामग्री निर्यात करने पर जोर दिया है। भारत के प्रमुख रक्षा निर्यातक देशों में ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इजरायल, इटली, जापान, दक्षिण कोरिया, नीदरलैंड, न्यूज़ीलैंड, सऊदी अरब, स्विट्जरलैंड, ताइवान, UAE, UK और USA शामिल हैं।

भारत के प्रमुख खरीददार देशों की सूची

  • आर्मेनिया: आर्मेनिया भारत से पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर, आकाश एयर डिफेंस सिस्टम, ATAGS तोप, और स्वाति वेपन लोकेटिंग रडार जैसे हथियार खरीदता है।
  • फिलीपींस: दक्षिण चीन सागर में चीन से हो रही चुनौती के बीच, फिलीपींस ने भारत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम खरीदा है। यह सौदा भारतीय रक्षा निर्यात में मील का पत्थर साबित हुआ है।
  • अमेरिका: अमेरिका भारत से बुलेटप्रूफ जैकेट, हेलमेट, सुरक्षा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स, उप-प्रणालियां और एयरोस्पेस कंपोनेंट्स खरीदता है।
  • इजरायल: इजरायल भी भारत से बुलेटप्रूफ जैकेट, हथियारों के पुर्जे, बैटरियां और अन्य रक्षा सामग्री खरीदता है।
  • ब्रिटेन: ब्रिटेन भारतीय हथियारों का प्रमुख खरीदार है, जिसमें बुलेटप्रूफ जैकेट, हेलमेट, इलेक्ट्रॉनिक्स, और एयरोस्पेस कंपोनेंट्स शामिल हैं।
  • फ्रांस: फ्रांस भारतीय रक्षा उत्पादों का एक महत्वपूर्ण ग्राहक है। वह हथियारों के पुर्जे, बैटरियां और एयरोस्पेस के पुर्जे भारत से खरीदता है।
  • जर्मनी: जर्मनी, यूरोपीय संघ की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, भारतीय हथियारों और रक्षा सामग्री का महत्वपूर्ण खरीदार है, विशेष रूप से बुलेट-प्रूफ जैकेट, हेलमेट और सुरक्षा उपकरणों के लिए।

भारत की स्थिति मजबूत 

भारत का रक्षा निर्यात अब न केवल बढ़ रहा है, बल्कि यह दुनियाभर में एक विश्वसनीय और मजबूत रक्षा आपूर्ति कर्ता के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत कर रहा है। भारत के लिए यह एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक और आर्थिक उपलब्धि है, जो वैश्विक स्तर पर उसकी शक्ति को प्रदर्शित करती है।

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