

Ind-Pak Indus Water Treaty Row: भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौते को एक बार फिर तनाव बढ़ रहा है। पाकिस्तान की सरकार लगातार भारत के फैसले का विरोध कर रहे हैं। पाकिस्तानी सेना और वहां के नेताओं पिछले कई दिनों से भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान दे रहें है। इसी बीच भारत ने इस मुद्दे पर पाकिस्तान को कड़ा जवाब दिया है।
भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस करते हुए साफ शब्दों में कहा कि, सिंधु जल समझौते पर तब तक कोई बातचीत नहीं होगी, जब तक सीमा पार से जारी आतंकवाद पूरी तरह से खत्म नहींं हो जाता है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि आतंकवाद के खात्मे के बाद सिंधु जल समझौते से जुड़ी बातचीत या सामान्य बहाली को आगे बढ़ाए जाने को लेकर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही रणधीर जायसवाल ने भारत के रूख को स्पष्ट करते हुए कहा कि, वार्ता और आतंकवाद एक साथ कभी नहीं चल सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत कभी भी राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।
पाकिस्तान के अलावा विदेश मंत्रालय ने चीन-म्यांमार-बांग्लादेश कॉरिडोर से जुड़े चीनी प्रस्ताव पर भी कड़ा रुक अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि सरकार इस क्षेत्र में होने वाली हर छोटी-बड़ी रणनीतिक और कूटनीतिक गतिविधि पर पैनी नजर रखती है। जायसवाल ने कहा कि, हम ऐसे सभी मुद्दों और घटनाक्रमों पर नजर रख रहे हैं। जब भी और जहां भी हमें भारत की सुरक्षा को लेकर खतरा महसूस होगा, हम बिना किसी देरी के जरूरी कदम उठाते हैं।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर जाएगें। विदेश मंत्रालय ने बताया कि विदेश मंत्रालय में सचिव (ईस्ट) रुद्रेंद्र टंडन ने बताया कि प्रधानमंत्री 8 और 9 जुलाई को इंडोनेशिया के दौरे पर रहेंगे। इसके बाद, वे 10 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न और फिर 11 जुलाई को न्यूजीलैंड जाएंगे। इंडोनेशिया में मुख्य कार्यक्रम राजधानी जकार्ता में होगा लेकिन प्रधानमंत्री सांस्कृतिक केंद्र या ऐतिहासिक शहर योग्याकार्ता भी जाएंगे, जहां वे प्रम्बानन मंदिर परिसर का दौरा करेंगे।
विदेश मंत्रालय ने इसके साथ ही हाल ही में अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तानी सेना द्वारा की गई एयरस्ट्राइक की आलोचना की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत इस हमले की निंदा करता है। भारत के इस हमले के खिलाफ है जिसमें बेगुनाह औरतों और बच्चों की जान गई। विदेश मंत्रालय ने मारे गए नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुआ कहा कि देश काबुल की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का पूरी तरह समर्थन करता है।