

Vice Presidential Election: उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए NDA ने नरेंद्र मोदी और जेपी नड्डा को उम्मीदवार तय करने की छूट दी थी। नतीजा ये हुआ कि भाजपा नेताओं ने एक ऐसा कैंडिडेट सेलेक्ट किया कि विपक्ष समीकरण गड़बड़ हो गए। सत्ताधारी गठबंधन जिस सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति चुनाव में उतारा है। वो कई समीकरणों में फिट बैठते हैं। विपक्ष आजकल ओबीसी की राजनीति कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ दक्षिण में विधानसभा चुनाव होने हैं। इस लिहाज से राधाकृष्णन राजनीतिक दृष्टि से एक बेहतरीन उम्मीदवार माने जा रहे हैं।
सीपी राधा कृष्णन वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं, ऐसे में उनको एनडीए गठबंधन ने उपराष्ट्रपति का प्रत्याशी बनाया तो संजय राउत ने उनके समर्थन में बयान दे दिया। जबकि संजय राउत इंडिया गठबंधन के नेता हैं। हालांकि अभी शिवसेना यूबीटी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। दूसरी तरफ राधा कृष्णन तमिलनाडु के रहने वाले हैं और ओबीसी कम्युनिटी से संबंध रखते हैं। ऐसे में भाजपा का यह दांव राजनीतिक रूप से भी फायदा पहुंचा सकता है।
इन समीकरणों के अलावा इंडिया टूडे ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि सीपी को उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बनाने से पहले NDA ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से बात की थी। हालांकि इसको लेकर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है। भाजपा द्वारा सीपी के नाम के ऐलान के बाद से ही इंडिया गठबंधन में हलचल तेज हो गई है। क्योंकि मात्र नामांकन में सिर्फ 3 दिन बचे हुए हैं। 9 सितंबर को चुनाव होना है और 21 अगस्त को नामांकन की अंतिम तारीख है।
ऐसे संभावना है कि दिल्ली में कांग्रेस पार्टी जल्द ही गठबंधन की बैठक बुला सकती है। सोमवार की सुबह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में बैठक होनी थी, लेकिन अभी तक बैठक के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। वहीं दूसरी तरफ भाजपा सीपी राधाकृष्णन को निर्विरोध चुनाव जितवाने के लिए विपक्षी दलों से संपर्क साध रही है। वहीं इंडिया टूडे के सूत्रों के मुताबिक DMK ने तमिलनाडु से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार उतारने की पेशकश की है, लेकिन आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। हालांकि इससे पहले जब इंडिया गठबंधन की बैठक हुई थी तो उसमें संयुक्त रूप से उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार उतारने पर सहमति बनी थी।
वहीं भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा था कि विपक्षी नेताओं ने भाजपा के प्रतिनिधियों से कहा था कि NDA के उम्मीदवार की घोषणा के बाद ही वे अपना रुख स्पष्ट करेंगे। उन्होंने बताया कि पार्टी में राधा कृष्णन को लेकर आम राय बन गई है। समर्थन के लिए पार्टी विपक्षी नेताओं से संपर्क करेगी।
अब सवाल उठता है कि सियासी खींचतान में इंडिया गठबंधन क्या उपराष्ट्रपति चुनाव में प्रत्याशी उतारेगी या फिर सीपी राधाकृष्णन को निर्विरोध जीतने देगी। हालांकि सिर्फ 3 दिन का समय शेष है। ऐसे में संभावना है कि 20 तारीख तक इंडिया गठबंधन या तो उम्मीदवार की घोषणा करेगा या फिर सीपी राधाकृष्णन के समर्थन का ऐलान करेगा।