

नई दिल्ली : भारत में महिला आयकर दाताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो देश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत भी है। वित्त वर्ष 2024 (FY24) में विभिन्न राज्यों की महिलाओं द्वारा आयकर भुगतान करने की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई है। इस संदर्भ में महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, और कर्नाटक जैसे राज्य टॉप पर बने हुए हैं। यह आंकड़े महिला उद्यमिता, रोजगार, और आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में भारतीय समाज में हो रहे बदलाव को भी दर्शाते हैं।
आयकर दाता महिलाओं की संख्या के हिसाब से सबसे ऊपर महाराष्ट्र है, जहां 36.8 लाख महिलाएं आयकर का भुगतान कर रही हैं। इसके बाद गुजरात और उत्तर प्रदेश का स्थान है, जहां क्रमशः 22.5 लाख और 20.4 लाख महिलाएं आयकर दाता हैं। यह आंकड़े ये भी बताते हैं कि आर्थिक दृष्टिकोण से समृद्ध राज्य में महिलाओं का आयकर दान भी अधिक है।
राजस्थान, पंजाब, और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी महिला आयकर दाताओं की संख्या महत्वपूर्ण है। इन राज्यों में क्रमशः 13.5 लाख, 13.2 लाख, और 12.9 लाख महिलाएं आयकर का भुगतान करती हैं। इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि देश के विभिन्न हिस्सों में महिलाएं अब आर्थिक योगदान देने में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं।
दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, केरल, आंध्र प्रदेश और बिहार जैसे अन्य राज्यों में भी महिला आयकर दाताओं की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है, हालांकि इन राज्यों में संख्या अपेक्षाकृत कम है। लेकिन यह भी स्पष्ट है कि आर्थिक बदलावों के साथ इन राज्यों की महिलाएं भी आगे आ रही हैं और अधिक संख्या में आयकर का भुगतान कर रही हैं।
भारत में महिला आयकर दाताओं की संख्या में बढ़ोतरी का मुख्य कारण महिलाओं का बढ़ता हुआ रोजगार, शिक्षा और आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी है। इस बदलाव के कारण महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक स्थिति में सुधार हो रहा है, जो समाज की समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है।