बंगाल में सीएए के तहत आवेदनों पर गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला, एक्शन के लिए दो और समितियों का गठन
West Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसके लिए तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। चुनाव आयोग की टीम भी वहां हालात समझने पहुंचने जा रही है।
- Written By: अर्पित शुक्ला
गृह मंत्रालय (सोर्स: सोशल मीडिया)
CAA in West Bengal: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत प्राप्त आवेदनों पर फैसला लेने के लिए दो और अधिकार प्राप्त समितियों के गठन को मंजूरी दी है। एक सरकारी आदेश के जरिए इसकी जानकारी दी गई। अधिकारियों के मुताबिक, राज्य में पहले से दो समितियां काम कर रही थीं, लेकिन आवेदनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दो अतिरिक्त समितियां बनाने का निर्णय लिया गया।
उच्च अधिकारी करेंगे अध्यक्षता
नई समितियों की अध्यक्षता भारत सरकार के उप सचिव या उससे उच्च रैंक के अधिकारी करेंगे। इन अधिकारियों को भारत के महारजिस्ट्रार और जनगणना आयुक्त द्वारा नामित किया जाएगा। मंत्रालय की ओर से जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, प्रत्येक समिति में कम से कम अवर सचिव स्तर या उससे ऊपर के सहायक खुफिया ब्यूरो के एक अधिकारी सहित अन्य अधिकारी भी शामिल होंगे।
डाक विभाग का प्रतिनिधित्व भी
समिति में पश्चिम बंगाल के महा डाकपाल या उनके द्वारा नामित एक डाक अधिकारी को भी सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। इससे पहले 11 मार्च 2024 को जारी अधिसूचना के तहत गठित समिति की अध्यक्षता निदेशक (जनगणना संचालन) कर रहे थे और उसमें सात अन्य सदस्य शामिल थे।
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कब लागू हुआ था CAA?
केंद्र सरकार ने 11 मार्च 2024 को नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 को लागू करने की अधिसूचना जारी की थी। संसद द्वारा कानून पारित किए जाने के लगभग चार साल बाद इसके नियम अधिसूचित किए गए। इस कानून का उद्देश्य पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए उन गैर-मुस्लिम प्रवासियों को भारतीय नागरिकता देने की प्रक्रिया को तेज करना है, जो 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में प्रवेश कर चुके थे।
