'कांग्रेस से थी मेरी जबरन शादी, इसलिए…', देवगौड़ा का खरगे को करारा जवाब, खोल दिए 2018 गठबंधन के सारे कड़वे राज

HD Deve Gowda: संसद में मल्लिकार्जुन खड़गे की मजाकिया टिप्पणी पर एच.डी. देवगौड़ा ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कांग्रेस के साथ अपने पुराने गठबंधन को 'जबरदस्ती की शादी' और 'तलाक' करार दिया है।
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सदन में खरगे और देवगौड़ा, फोटो- सोशल मीडिया
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Mallikarjun Kharge on HD Deve Gowda: भारतीय राजनीति के गलियारों में अक्सर शब्दों के तीर चलते हैं, लेकिन कभी-कभी ये तीर व्यक्तिगत रिश्तों और पुरानी यादों के ऐसे मोड़ पर ले आते हैं, जहां हंसी के पीछे एक गहरी टीस छिपी होती है। हाल ही में राज्यसभा में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जब पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा पर चुटकी ली, तो किसी ने नहीं सोचा था कि इसका जवाब इतना जबरदस्त होगा। देवगौड़ा ने न केवल खड़गे को जवाब दिया, बल्कि यह भी साफ कर दिया कि क्यों उन्होंने दशकों पुराना साथ छोड़कर नया रास्ता चुनना बेहतर समझा।

संसद में लगे ठहाके: खड़गे ने ऐसा क्या कह दिया?

राज्यसभा में सांसदों की विदाई के दौरान माहौल काफी हल्का-फुल्का था। इसी दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने पुराने मित्र एच.डी. देवगौड़ा की ओर इशारा करते हुए एक चुटकुला छेड़ा। उन्होंने कहा कि देवगौड़ा जी पहले कांग्रेस के प्रति 'प्रेम' रखते थे, लेकिन आखिरकार उन्होंने भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी से 'शादी' कर ली। इस टिप्पणी ने पूरे सदन को ठहाकों से भर दिया और यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपनी मुस्कुराहट नहीं रोक पाए। हालांकि, देवगौड़ा उस समय सदन में मौजूद नहीं थे क्योंकि वे उगादी समारोह के लिए बेंगलुरु जा चुके थे। जब उन्हें इस मजाकिया हमले की जानकारी मिली, तो उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पत्र साझा कर तथ्यों के साथ अपनी बात रखने का फैसला किया।

देवगौड़ा ने क्यों याद दिलाया 2018 का दर्द?

देवगौड़ा ने कांग्रेस के साथ अपने संबंधों की कड़वी हकीकत बयां की करते हुए कहा कि अगर राजनीतिक गठबंधन को विवाह माना जाए, तो कांग्रेस के साथ उनकी वह 'जबरदस्ती की शादी' थी। उन्होंने इस पुराने रिश्ते को 'अपमानजनक और खराब रिश्ता' बताते हुए कहा कि परिस्थितियों ने उन्हें कांग्रेस से अलग होने के लिए मजबूर किया। देवगौड़ा के अनुसार, वे खुद कांग्रेस का साथ नहीं छोड़ना चाहते थे, बल्कि कांग्रेस ने ही उन्हें किनारे कर दिया था। उन्होंने बताया कि 2019 के राजनीतिक घटनाक्रम और गठबंधन की परिस्थितियों ने उन्हें नया विकल्प तलाशने पर मजबूर किया ताकि एक स्थिर सरकार बन सके।

अपमानजनक रिश्ता और तलाक

अपने जवाब में देवगौड़ा ने साल 2018 की उन घटनाओं का भी जिक्र किया जब कांग्रेस ने गुलाम नबी आजाद को भेजकर एच.डी. कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री पद का प्रस्ताव दिया था। देवगौड़ा ने बताया कि उन्होंने तब भी इसका विरोध किया था और सुझाव दिया था कि मल्लिकार्जुन खड़गे को मुख्यमंत्री बनाया जाए, लेकिन कांग्रेस ने कुमारस्वामी पर ही जोर दिया। बाद में 2019 में कांग्रेस ने ही गठबंधन तोड़ा और उसके कई विधायक भाजपा में चले गए।

उन्होंने खड़गे को एक 'ईमानदार व्यक्ति' बताते हुए कहा कि कांग्रेस ने उन्हें बढ़ने नहीं दिया, जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें हमेशा सम्मान और प्यार दिया है। देवगौड़ा ने तंज कसते हुए कहा कि अगर कांग्रेस ने समय पर दलबदल करने वालों पर कार्रवाई की होती, तो आज खड़गे की स्थिति पार्टी में कहीं बेहतर होती।

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