स्कूलों को 'बम से उड़ाने' की देता था धमकी, गुरुग्राम पुलिस ने अवैध बांग्लादेशी को धर दबोचा; सामने आया बड़ा सच

Gurugram News: दिल्ली से सटे गुरुग्राम के 40 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देकर दहशत फैलाई जा रही थी। अब इस मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है और एक बांग्लादेशी को गिरफ्तार भी किया है।
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प्रतीकात्मक इमेज (एआई जनरेटेड)
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Gurugram School Bomb Threat: साइबर सिटी गुरुग्राम के जाने-माने 40 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से दहशत मच गई थी। अब इस मामले में गुरुग्राम पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क का भांड़ाफोड़ किया है। पुलिस की साइबर साउथ टीम ने मामले में चांज करते हुए गुजरात से उस आरोपी को पकड़ा जिसने टेक्निकल तरीके से इस साजिश को अंजाम दिया था।

बताया जा रहा है कि पकड़ा गया आरोपी पिछले 9 साल से अपनी पहचान छिपाकर भारत में रह रहा है। मिली जानकारी के अनुसार इस घटना की शुरूआत 28 जनवरी को हुई थी। जब गुरुग्राम के 40 प्रतिष्ठित स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। सभी स्कूलों की इमेल आईडी पर धमकी भरा मेल भेजा गया जिसके बाद हड़कंप मच गया। ईमेल में लिखा था कि स्कूल परिसर में कुछ ही समय बाद धमाके होंगे। हालांकि टीम को स्कूल परिसर की जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।

आईपी एड्रेस ट्रैकिंग से आरोपी तक पहुंची पुलिस

स्कूल प्रबंधन की शिकायत के आधार पर साइबर थाना दक्षिण में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। जांच में तकनीकी साक्ष्य और आईपी एड्रेस ट्रैक करते हुए गुरुग्राम पुलिस की टीम गुजरात पहुंची। 19 मार्च 2026 को अहमदाबाद में छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी की पहचान 30 वर्षीय सौरभ विश्वास उर्फ माइकल के रूप में हुई है। जो मूल रूप से बांग्लादेश का निवासी है। उसने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना के गोविंदपल्ली पते पर फर्जी दस्तावेज बनवाकर अपनी पहचान बदली और लंबे समय से अहमदाबाद में रह रहा था।

आरोपी ने खोले राज

सौरभ ने पूछताछ में बताया कि वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिए ढाका निवासी बांग्लादेशी नागरिक मामुनूर राशिद के संपर्क में आया था। राशिद ने उसे बड़ी संख्या में जीमेल आईडी तैयार करने का काम दिया। टेक्निकल दक्षता के चलते सौरभ ने एक ही दिन में करीब 300 फर्जी ईमेल आईडी बनाकर व्हाट्सऐप के माध्यम से उसे सौंप दीं। जिसके बदले उसे 250 यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) दी गई। जांच में सामने आया कि स्कूलों को भेजी गई धमकी इन्हीं आईडी में से एक से भेजी गई थी, जिससे मामला अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह से जुड़ा प्रतीत होता है।

पुलिस ने क्या बताया?

इस मामले को लेकर साइबर एसीपी प्रियांशु दीवान ने बताया कि साइबर थाना साउथ में दर्ज मामले में आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद एक दिन की रिमांड पर लिया गया था। आरोपी ने बताया कि 2024 में वह मामुनूर राशित के संपर्क में आया था।मामुनूर राशिद ने सौरभ को मेल आईडी बनाने के लिए कहा गया। सौरभ ने ई-मेल आईडी बनाने के बाद वॉट्सऐप के जरिए राशिद को भेजा था। उसके बाद इन मेल आईडी का इस्तेमाल कर जनवरी माह में स्कूलों को दहलाने के लिए धमकी भरी ई-मेल भेजी गई थी।

आरोपी सौरभ एक वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए मामुनूर राशिद के जुड़ा हुआ था। ग्रुप में 50 से ज्यादा लोग जुडे हुए हैं। इनके बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। वहीं पुलिस अब साइबर थाना पूर्व में दर्ज एक अन्य मामले में गिरफ्तार कर रिमांड पर लेगी। पुलिस ने आरोपी से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।

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