GST काउंसिल की बैठक शुरू…जानिए प्रोडक्ट पर कितना Tax ले रही सरकार, क्या-क्या होने वाला है सस्ता?
GST Slabs: जीएसटी काउंसिल की बैठक शुरू हो चुकी है गुरुवार को इस पर बड़ा फैसला आने वाला है। सरकार ने प्रस्ताव दिया है कि जीएसटी के मौजूदा 4 टैक्स स्लैब को घटाकर 2 स्लैब कर दिया जाए।
- Written By: अभिषेक सिंह
सांकेतिक तस्वीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
GST Council Meeting: जीएसटी काउंसिल की बैठक बुधवार को शुरू हो गई है और कल इस पर बड़ा फैसला आने वाला है। सरकार ने प्रस्ताव दिया है कि जीएसटी के मौजूदा 4 टैक्स स्लैब को घटाकर 2 स्लैब कर दिया जाए। साथ ही, कुछ उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने की भी बात कही जा रही है। अगर सरकार के इस प्रस्ताव को काउंसिल की मंजूरी मिल जाती है, तो कई चीजों की कीमतों में भारी कमी आएगी।
दरअसल, 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से नए जीएसटी सुधार का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि इससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, वित्त मंत्रालय की ओर से भी जीएसटी स्लैब कम करने का प्रस्ताव रखा गया था। इस घोषणा के बाद, जीएसटी काउंसिल की पहली बार बैठक हो रही है और इसमें जीएसटी स्लैब में कटौती को मंजूरी मिल सकती है, जिसे दिवाली से लागू किया जा सकता है।
समझिए GST का पूरा गुणा-गणित
जीएसटी के तहत फिलहाल चार स्लैब 5%, 12%, 18% और 28% हैं, जो काउंसिल के फैसले के बाद दो स्लैब 5% और 18% में बदल सकते हैं। ऐसे में कपड़े, जूते, एसी, टीवी और कार-बाइक समेत तमाम चीज़ों के दाम कम हो जाएंगे। हालांकि, उससे पहले हमें यह जान लेना चाहिए कि कौन से उत्पाद किस स्लैब में आ रहे हैं, जिसके बाद यह समझना आसान हो जाएगा कि कौन सी चीजें सस्ती हो सकती हैं?
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किस स्लैब में हैं कौन सी वस्तुएं?
| GST स्लैब | वस्तुएं |
|---|---|
| 0% | खुला दूध, फल, सब्ज़ियां, अंडे, प्रिंटेड किताबें, समाचारपत्र, सेनेटरी नैपकिन, कंडोम, हियरिंग एड्स (श्रवण यंत्र), कच्चा रेशम (कोकून) आदि। |
| 5% | कच्चे हीरे (अनकट, अनपॉलिश्ड), सोने और पॉलिश किए हुए हीरे, सोने/चांदी/प्लेटिनम के गहने व सिक्के, खाने योग्य तेल (सरसों, सूरजमुखी), चीनी, चाय पत्ती (नॉन-इंस्टेंट), कॉफी बीन्स (नॉन-इंस्टेंट), मसाले (हल्दी, मिर्च, जीरा आदि), चावल (पैक्ड/लेबल वाले), आटा/गेहूं का आटा (पैक्ड/लेबल वाले), पनीर (पैक्ड/लेबल वाले), शहद (पैक्ड/लेबल वाले), घरेलू LPG सिलेंडर, इन्फ्लूएंजा वैक्सीन, उर्वरक (फर्टिलाइज़र) आदि। |
| 12% | घी, मक्खन, चीज़, पैक्ड फ्रोजन सब्ज़ियां, फ्रूट जूस (अधिकतर, नॉन-एरेटेड), छाता, सोलर वाटर हीटर, कृषि उपकरण, आदि। |
| 18% | टूथपेस्ट, साबुन, शैम्पू, बालों का तेल, डिटर्जेंट/वॉशिंग पाउडर, रेस्टोरेंट खाना, बिस्कुट (अधिकतर ब्रांडेड), ब्रेकफास्ट सीरियल (कॉर्नफ्लेक्स), चॉकलेट व कोको प्रोडक्ट्स, आइसक्रीम, पैक्ड मिनरल/ड्रिंकिंग वाटर, LED बल्ब/लाइट, आदि। |
| 28% | एयर कंडीशनर, सीमेंट, कार/SUV, एरेटेड ड्रिंक्स, सिगरेट, पान मसाला आदि। |
कौन-कौन सी चीजें हो सकती हैं सस्ती!
| क्रम संख्या | वस्तु/उत्पाद |
|---|---|
| 1 | घी |
| 2 | मक्खन |
| 3 | चीज़ |
| 4 | पनीर |
| 5 | पैक्ड फ्रोजन सब्ज़ियां |
| 6 | नमकीन |
| 7 | बिस्कुट और अन्य स्नैक्स |
| 8 | फ्रूट जूस (अधिकतर, नॉन-एरेटेड) |
| 9 | छाता |
| 10 | कपड़े और जूते |
| 11 | सोलर वॉटर हीटर |
| 12 | कृषि उपकरण |
| 13 | एयर कंडीशनर |
| 14 | सीमेंट |
| 15 | पेंट |
| 16 | टाइल्स |
| 17 | कार/एसयूवी |
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प्रस्ताव है कि स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम को जीएसटी से हटा दिया जाए, यानी 0% कर लगाया जाए। हालांकि एक सच यह भी है कि इससे राजस्व में गिरावट आएगी और एक अनुमान के मुताबिक इस फैसले से सरकार को सालाना 9,700 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा हो सकता है।
