अपराजिता बिल पर गवर्नर बोस नाराज, कहा- CM ममता के कारण बिल अटका, बद से बदतर हो रहा प्रशासन

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने स्थिति से निपटने के तरीके को लेकर राज्य प्रशासन और CM ममता की आलोचना की। गवर्नर बोस ने कहा कि अपराजिता बिल ममता सरकार के कारण ही अब तक पेंडिंग है।
अपराजिता बिल पर गवर्नर बोस नाराज, कहा- CM ममता के कारण बिल अटका, बद से बदतर हो रहा प्रशासन
(डिज़ाइन फोटो)
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कोलकाता: कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में बीते महीने एक महिला डॉक्टर के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या के बाद जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने स्थिति से निपटने के तरीके को लेकर राज्य प्रशासन और CM ममता की आलोचना की। गवर्नर बोस ने बीते गुरुवार को कहा है कि अपराजिता बिल ममता सरकार के कारण ही अब तक पेंडिंग है। उसने बिल के साथ टेक्निकल रिपोर्ट ही नहीं भेजी है। इसके बिना बिल को मंजूरी ही नहीं दी जा सकती।

इस बाबत राजभवन की ओर से बीते गुरुवार जारी बयान में कहा गया कि ममता सरकार के इस रवैये से गवर्नर बोस सख्त नाराज हैं। महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े इस महत्वपूर्ण बिल को लेकर ममता सरकार ने कोई भी होमवर्क नहीं किया। यह भी कहा गया कि राज्य सरकार पहले भी ऐसा करती रही है। विधानसभा से पास हुए अक्सर कई बिल की टेक्निकल रिपोर्ट राजभवन नहीं भेजी जाती है। इससे बिल भी पेंडिंग हो जाते हैं, जिसका इल्जाम ममता सरकार फिर राजभवन पर लगाती है।

बता दें कि बीते 9 अगस्त को कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर से रेप-मर्डर के बाद राज्य सरकार पर महिला सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे थे। इस बाबत ममता सरकार ने बीते 3 सितंबर को ही पश्चिम बंगाल विधानसभा में जरुरी एंटी-रेप बिल पेश किया था।

इसमें कहा गया था कि पुलिस को रेप केस की 21 दिन में जांच पूरी करनी होगी। विधानसभा से पास होने के बाद बिल को राज्यपाल के पास भेजा गया । यहां से पास होने के बाद बिल राष्ट्रपति को भेजा जाएगा, जहां से मुहर लगने के बाद यह कानून में बदल सकेगा। लेकिन अब राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने इस पुरे मामले पर सवाल उठाए हैं।

वहीं राज्यपाल बोस ने टिप्पणी की कि पश्चिम बंगाल सरकार का रुख “बद से बदतर होता जा रहा है।” उन्होंने इस बात पर बल दिया कि व्यवस्था में जनता के विश्वास की कमी के कारण ही हाल में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं।

उन्होंने कहा, “मैं पश्चिम बंगाल में, खासकर प्रशासन में, जो देख रहा हूं वह बद से बदतर होता जा रहा है। उन्हें यह समझना चाहिए कि दो गलत चीज़ें, गलत ही रहेंगी भले ही वे परस्पर विरोधाभासी ही क्यों न हों। सरकार को कार्रवाई करनी होगी और लोगों को विश्वास में लेना होगा। सजा दी जानी चाहिए।'' राज्यपाल बोस ने कहा कि बंगाल के लोगों को अब यह नहीं लगता कि वे सरकार से न्याय की उम्मीद कर सकते हैं और यह भावना व्यापक विरोध प्रदर्शनों में परिलक्षित होती है।

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