नहीं रहे केरल के पूर्व सीएम वीएस अच्युतानंदन, जानिए कैसा रहा उनका राजनीतिक सफर

V.S. Achuthanandan Death: केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी.एस. अच्युतानंदन का सोमवार को निधन हो गया। पूर्व सीएम ने 101 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। अच्युतानंदन 2006 से 2011 तक केरल के मुख्यमंत्री रहे।
V.S. Achuthanandan Death
केरल के पूर्व सीएम वीएस अच्युतानंदन, फोटो: सोशल मीडिया
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VS Achuthanandan Passed Away: मार्क्सवादी नेता और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी.एस. अच्युतानंदन का सोमवार को निधन हो गया। पूर्व सीएम ने 101 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। पार्टी ने उनके देहांत की जानकारी शेयर की है। जानकारी के मुताबिक त्रिवेंद्रम के अस्पताल में उनका देहावसान हुआ। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और माकपा नेता उनसे मिलने अस्पताल भी गए थे। वी.एस. अच्युतानंदन साल 2006 से 2011 तक केरल के मुख्यमंत्री रहे।

केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के वरिष्ठ नेता वी.एस. अच्युतानंदन ने तिरुवनंतपुरम के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। पार्टी और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने उनके निधन की पुष्टि की। वे काफी समय से बीमार चल रहे थे और 23 जून को संदिग्ध हृदयगति रुकने की वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

छह दशकों से भी लंबा रहा राजनीतिक जीवन

अच्युतानंदन का राजनीतिक जीवन छह दशकों से भी लंबा था। वे केरल की राजनीति के एक मजबूत स्तंभ माने जाते थे। उनका पूरा नाम वेलिक्ककथु शंकरन अच्युतानंदन था। वे 1964 में कम्युनिस्ट पार्टी के विभाजन के बाद सीपीआई (एम) के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। उन्होंने सात बार केरल विधानसभा चुनाव जीते और 2006 से 2011 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे। साथ ही वे 15 वर्षों तक विधानसभा में विपक्ष के नेता और 1985 से 2009 तक पार्टी के पोलित ब्यूरो के सदस्य भी रहे।

उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत एक ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता के रूप में की थी और मजदूरों, खासकर खेतिहर और ताड़ी निकालने वाले श्रमिकों के अधिकारों के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया। बताया जा रहा है कि बीते कुछ वर्षों से अच्युतानंदन सार्वजनिक गतिविधियों से दूर थे और तिरुवनंतपुरम में अपने बेटे घर पर रह रहे थे। 2021 में उन्होंने प्रशासनिक सुधार आयोग के अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे दिया था। उम्र से जुड़ी बीमारियों के चलते उन्होंने राजनीतिक मंच से दूरी बना ली थी।

बेटे के खिलाफ दिया था जांच का आदेश

उनके निजी सचिव ए.जी. शशिधरन नायर ने उन्हें एक निर्भीक नेता बताया जो किसी भी मुद्दे पर पार्टी लाइन से हटकर भी बोलने में नहीं हिचकिचाते थे। उन्होंने 2008 की उस घटना का जिक्र किया जब अच्युतानंदन ने अपने बेटे पर लगे आरोपों की जांच स्वयं विधानसभा समिति से कराने की घोषणा की थी। ये आरेप बाद में निराधार निकले थे।

पीएम मोदी ने जताया दुख

पीएम मोदी ने पूर्व सीएम के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी.एस. अच्युतानंदन जी के निधन से दुःखी हूं। उन्होंने अपने जीवन के कई वर्ष जनसेवा और केरल की प्रगति के लिए समर्पित कर दिए। मुझे उन दिनों की यादें ताजा हो रही हैं जब हम दोनों अपने-अपने राज्यों के मुख्यमंत्री थे। इस दुःख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और समर्थकों के साथ हैं’।

CPI(M) ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि "हम कॉमरेड अच्युतानंदन के सम्मान में अपना लाल झंडा झुकाते हैं।" कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी उनके निधन पर शोक जताते हुए उन्हें ‘महान कम्युनिस्ट नेता’ और ‘जनता का सच्चा प्रतिनिधि’ बताया।

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