लालू प्रसाद यादव ने चारा घोटाले में मिली सजा को हाईकोर्ट में दी चुनौती, CBI की विशेष अदालत ने सुनाई है पांच साल की सजा

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रांची: राजद प्रमुख लालू प्रसाद (RJD Chief Lalu Prasad Yadav) ने डोरंडा कोषागार (Doranda Treasury Case) से अवैध निकासी के मामले में सीबीआई (CBI) की विशेष अदालत से मिली पांच वर्ष की कैद एवं साठ लाख जुर्माने की सजा के खिलाफ झारखंड उच्च न्यायालय (Jharkhand High Court) में बृहस्पतिवार को अपील दाखिल की। प्रसाद के अधिवक्ता देवर्षि मंडल ने बताया कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने अपील में उन्हें मिली सजा को निलंबित कर जमानत देने का आग्रह किया है। 

प्रसाद को डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने 15 फरवरी को दोषी ठहराया था और 21 फरवरी को उन्हें पांच वर्ष की कैद और 60 लाख के जुर्माने की सजा सुनायी थी। लालू प्रसाद की ओर से दायर अपील में कहा गया है कि सीबीआई अदालत ने फैसला सुनाने में सभी पक्षों पर गौर नहीं किया है और उनकी दलीलों पर गौर किए बिना ही फैसला सुनाया गया है। 

मंडल ने बताया कि इस आधार पर सीबीआई की विशेष अदालत के आदेश को निरस्त करने का आग्रह किया गया है। प्रसाद ने उन्हें जमानत देने का आग्रह करते हुए याचिका में कहा कि वह 17 प्रकार की बीमारियों से ग्रसित हैं और 73 वर्ष के हो चुके हैं और उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जेल प्रशासन ने इलाज के लिए रिम्स भेज दिया है। 

उन्होंने कहा कि ऐसे में स्वास्थ्य आधार पर उन्हें जमानत प्रदान करनी चाहिए। प्रसाद को चारा घोटाले के पांच मामलों में सजा मिल चुकी है। इनमें से चार मामलों में उन्हें उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी है। (एजेंसी) 

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