बेंगलुरु के नागरथपेट में लगी भीषण आग, 5 लोगों की मौत, आग बुझाने में जुटी फायर ब्रिगेड

Bengaluru News: बेंगलुरू में एक प्लास्टिक का सामान बनाने वाली इकाई में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। इस घटना में अबतक एक ही परिवार के 4 लोगों सहित कुल 5 लोगों की मौत हो गई है।
बेंगलुरु के नागरथपेट में लगी भीषण आग, 5 लोगों की मौत, आग बुझाने में जुटी फायर ब्रिगेड
आग बुझाने में जुटी फायर ब्रिगेड (Image- Social Media)
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Bengaluru Fire News: बेंगलुरु के के.आर.मार्केट के पास नागरथपेट क्षेत्र में प्लास्टिक का सामान बनाने की एक इकाई में भीषण आग से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में एक ही परिवार के चार लोगों और एक अन्य व्यक्ति की जान चली गई। पुलिस ने इस बात की जानकारी दी है। पुलिस ने मृतकों की पहचान मदन सिंह (38), संगीता (33) और उनके दो मासूम बच्चों रितेश (7) और विहान (5) तथा पड़ोसी सुरेश कुमार (26) के तौर पर की है।

क्या कहा पुलिस ने?

पुलिस के मुताबिक, मदन सिंह राजस्थान के रहने वाले थे और करीब 10 सालों से इस इमारत को किराए पर ले रखा था। वो एक छोटी फैक्टरी चलाते थे जहां प्लास्टिक के सामान के साथ-साथ चटाई भी बनाई जाती थी। वो इमारत की सबसे ऊपरी मंजिल पर खुद रहते थे।

किस वजह से लगी आग?

पुलिस ने बताया कि शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगने की आशंका है। फायर ब्रिगेड के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें सुबह लगभग तीन बजकर 14 मिनट पर आग लगने की सूचना मिली। एक अधिकारी ने बताया कि आग बुझाने के लिए आठ गाड़ियां लगाई गई हैं और 55 दमकलकर्मी तथा 21 अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। फायर ब्रिगेड के अधिकारी ने कहा कि ये एक तरह का गोदाम है जहां काफी सामान रखा हुआ है। इस वजह से आग पर काबू पाने में मुश्किल हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि ये इमारत शहर के घनी आबादी वाले कारोबारी इलाके में स्थित है।

एम्स में भी लगी थी आग

गौरतलब है कि इसी तरह बीते दिनों दिल्ली में स्थित अखिल भारतीय अयुर्विज्ञान संस्थान यानी की एम्स में भीषण आग लगने की खबर आई थी। ये आग एम्स के मदर एवं चाइल्ड ब्लॉक में लगी थी। दमकल विभाग को शाम 5.15 बजे आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद दमकल की 9 गाड़ियां मौके पर पहुंची।

हालांकि फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के पहुंचने से पहले ही वहां लगे फायर सिस्टम से आग को बुझाने का काम शुरू कर दिया गया। इसी बीच फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग को तेजी से नियंत्रित करने की कोशिश की गई। गनीमत रही की इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। शीशे की बिल्डिंग होने के कारण आग बुढाने में काफी मुश्किल हुई थी।