बंगाल में लगातार बारिश से बाढ़ जैसे हालात, DVC ने बांधों से पानी छोड़कर स्थिति और बिगाड़ी

दामोदर घाटी निगम द्वारा बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण बंगाल के कुछ जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति के और बिगड़ने की आशंका पैदा हो गई है। इसे लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि डीवीसी सूचित किए बगैर बांध से पानी छोड़ रहा है।
बंगाल में बाढ़ जैसे हालात के बीच डीवीसी ने बांधों से पानी छोड़ा
(फोटो सोर्स सोशल मीडिया)
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल में पिछले दो दिनों तक लगातार हुई भारी बारिश के बाद यहां बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। इस बीच दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) द्वारा बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण राज्य के कुछ जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति के और बिगड़ने की आशंका पैदा हो गई है। अधिकारियों ने इस स्थिति को लेकर बताया कि ऐसा डीवीसी के बांधों से छोड़े जाने वाले पानी में बहुत कम समयावधि में तेजी आने के कारण हुआ है।

डीवीसी ने बताया कि उसने सोमवार रात 11:30 बजे पंचेत एवं मैथन बांधों से 90 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा है। मंगलवार को सुबह 6:54 बजे तक छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा बढ़कर 2.1 लाख क्यूसेक हो गई, जिससे पता चलता है कि केवल सात घंटों में ही इसमें काफी तेजी आयी है। डीवीसी अधिकारियों ने बताया कि आज सुबह 8:31 बजे तक मात्र डेढ़ घंटे में 40 हजार क्यूसेक बढ़कर पानी की मात्रा ढाई लाख क्यूसेक हो गयी।

DVC ने जारी किया रेड अलर्ट

पानी छोड़े जाने के बाद डीवीसी ने अब यहां‘रेड अलर्ट' जारी किया है। डीवीसी अधिकारियों ने बताया कि ऊपर से पानी का प्रवाह अधिक होने के कारण पानी का बहाव बढ़ गया। इस स्थिति को लेकर सोमवार रात पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चिंता व्यक्त की थी। इसके साथ ही उन्होंने पड़ोसी राज्य झारखंड के बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण पश्चिम बंगाल के कम से कम सात जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने की चेतावनी भी दी थी।

DVC बिना सूचना के छोड़ रहा पानी

पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि डीवीसी उनकी सरकार को सूचित किए बगैर बांध से पानी छोड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा था कि पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण बीरभूम, बांकुड़ा, हावड़ा, हुगली, पूर्वी बर्धमान और उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना जिलों के कुछ हिस्सों में पहले से ही बाढ़ आ गई है तथा नदियां उफान पर हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने झारखंड के मुख्यमंत्री को तीन बार फोन करके छोड़े जा रहे पानी को नियंत्रित करने का आग्रह किया है।''मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जल स्तर तेजी से बढ़ने के बाद हुगली में कुछ लोग फंस गए हैं और प्रशासन को बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।''

भारी बारिश से निचले इलाके जलमग्न

पश्चिम बंगाल के कई जिलों में दो दिनों तक लगातार बारिश के बाद गहरा दबाव क्षेत्र झारखंड की ओर बढ़ गया है। इससे पड़ोसी राज्य में भारी बारिश हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि गहरे दबाव के कारण हुई भारी बारिश से दक्षिणी पश्चिम बंगाल में कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। उन्होंने बताया कि पश्चिम मेदिनीपुर जिले में सिलाबती नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

किसानों को हो सकता है भारी नुकसान

इस बीच, तृणमूल कांग्रेस सांसद और अभिनेता दीपक अधिकारी ने पश्चिम मेदिनीपुर जिले के घाटाल और केशपुर इलाकों में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान घाटल उप-विभागीय अधिकारी सुमन विश्वास ने कहा कि प्रशासन ने राहत सामग्री का भंडारण कर लिया है और जरूरत पड़ने पर शिविर लगाने की भी तैयारी की है। स्थानीय लोगों के अनुसार चंद्रकोना ब्लॉक-1 में धान और जूट की खेती करने वाले किसानों को बढ़ते जलस्तर के कारण भारी नुकसान हो सकता है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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