Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

‘गरिमा केवल महिलाओं ही नहीं, पुरुषों की भी होती है’, जानिए केरल हाई कोर्ट ने क्यों की ऐसी टिप्पणी

केरल उच्च न्यायालय ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि गरिमा केवल महिलाओं ही नहीं, पुरुषों की भी होती है। हाई कोर्ट ने यह टिप्पणी अभिनेता एवं निर्देशक बालचंद्र मेनन को अग्रिम जमानत देते हुए की है।

  • By आकाश मसने
Updated On: Dec 11, 2024 | 08:53 PM

केरल उच्च न्यायालय व अभिनेता बालचंद्र मेनन (सोर्स: साेशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

कोच्चि: केरल उच्च न्यायालय ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि गरिमा केवल महिलाओं ही नहीं, पुरुषों की भी होती है। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति पी वी कुन्हीकृष्णन ने अभिनेता की अग्रिम जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए की है। वरिष्ठ अभिनेता एवं निर्देशक बालचंद्र मेनन को 2007 में एक फिल्म के शूट के दौरान एक महिला कलाकार के कथित शीलभंग के मामले में बुधवार को अग्रिम जमानत देते हुए कहा कि सिर्फ महिलाओं की नहीं, बल्कि पुरुषों का भी गौरव और उनकी भी गरिमा होती है।

न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट जारी होने के बाद इस वर्ष सितंबर में अभिनेता बालचंद्र मेनन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। मेनन ने अपनी याचिका में तर्क दिया था कि शिकायत 2007 में कथित घटना की तारीख से 17 साल बाद की गई। इसका उद्देश्य उनकी छवि खराब करना है।

17 साल बाद की शिकायत

अदालत ने कहा कि मेनन दलीलों में दम है क्योंकि यह स्वीकार्य तथ्य है कि कथित घटना 2007 में हुई थी। उसने कहा कि “यह एक स्वीकृत तथ्य है कि पीड़िता ने कथित घटना के 17 साल बाद शिकायत दर्ज कराई। यह एक स्वीकृत तथ्य है कि याचिकाकर्ता मेनन एक प्रसिद्ध कलाकार हैं। उन्होंने लगभग 40 फिल्मों का निर्देशन किया और उन्हें दो राष्ट्रीय पुरस्कार मिले। उन्हें राष्ट्र द्वारा पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया।”

सम्बंधित ख़बरें

एक महिला के बयान के आधार पर मामला

न्यायमूर्ति कुन्हीकृष्णन ने कहा कि मौजूदा मामला एक महिला के बयान के आधार पर और वह भी 17 साल बाद दर्ज किया गया है। यह सच है कि जांच जारी है लेकिन सभी को यह याद रखना चाहिए कि गौरव और गरिमा केवल महिलाओं की ही नहीं, बल्कि पुरुषों की भी होती है।” अदालत ने कहा कि यह न्याय के हित में याचिकाकर्ता को जमानत देने का उपयुक्त मामला है।

देश की खबरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

50 हजार रुपये के मुचलके पर किया जाएगा रिहा

न्यायालय ने मेनन को पूछताछ के लिए बुधवार से दो सप्ताह के भीतर जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि पूछताछ के बाद यदि जांच अधिकारी याचिकाकर्ता मेनन को गिरफ्तार करने का प्रस्ताव रखता है, तो उन्हें गिरफ्तार करने वाले संबंधित अधिकारी की संतुष्टि के लिए अभिनेता को 50 हजार रुपये के मुचलके और समान राशि के दो जमानतदारों पर जमानत पर रिहा किया जाएगा।

पूछताछ के लिए जांच अधिकारी के सामने होना होगा पेश

न्यायालाय ने निर्देश दिया कि अभिनेता मेनन आवश्यक पड़ने पर पूछताछ के लिए जांच अधिकारी के सामने उपस्थित होंगे और जांच में सहयोग करेंगे। साथ ही मामले के तथ्यों से परिचित किसी भी व्यक्ति को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देंगे।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

Dignity is not only for women but also for men kerala high court

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Dec 11, 2024 | 08:53 PM

Topics:  

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.