डायमंड हार्बर में होगा दमदार दंगल, क्या अभिषेक बनर्जी के ‘अजेय किले’ में सेंध लगा पाएगी भाजपा?
Diamond Harbour Seat: पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल डायमंड हार्बर सीट पर 2026 की चुनावी जंग की बिसात बिछ चुकी है, जहां टीएमसी अपने वर्चस्व को बरकरार रखने और भाजपा मुख्य चुनौती पेश करने की तैयारी में है
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
फोटो- नवभारत
West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में स्थित डायमंड हार्बर केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि राज्य की राजनीति का एक पावर सेंटर बन चुका है। हुगली नदी के तट पर बसा यह इलाका अपने समुद्री इतिहास और रणनीतिक स्थिति के लिए जाना जाता है।
2026 के विधानसभा चुनाव के लिए यहां 29 अप्रैल 2026 को मतदान होगा और 4 मई 2026 को नतीजे आएंगे। वर्तमान में यह सीट तृणमूल कांग्रेस का अभेद्य किला मानी जाती है, जहां पार्टी पिछले तीन चुनावों से लगातार जीत दर्ज कर रही है।
ऐतिहासिक बंदरगाह से राजनीतिक पावर सेंटर का सफर
डायमंड हार्बर का इतिहास 2,000 साल से भी पुराना माना जाता है, जो कभी पुर्तगाली समुद्री डाकुओं का ठिकाना हुआ करता था। अंग्रेजों के शासनकाल में इसका नाम हाजीपुर से बदलकर डायमंड हार्बर कर दिया गया और इसे एक प्रमुख बंदरगाह के रूप में विकसित किया गया।
सम्बंधित ख़बरें
ममता की 15 साल की सबसे कठिन अग्निपरीक्षा: भ्रष्टाचार के आरोप, एंटी-इंकम्बेंसी और ‘दीदी’ का सुरक्षा कवच
दीदी बनाम दिल्ली की लड़ाई का चुनाव पर कितना असर? बंगाल की पहचान या विकास की जंग में किसका पलड़ा भारी?
स्टालिन की भड़काई चिंगारी की आंच PM मोदी तक पहुंची! बोले- खत्म हुआ दिल्ली का अहंकार, अब तमिलनाडु की बारी
बंगाल में कैसे ताश के पत्तों की तरह ढहा वामपंथ का किला, 2021 में जीरो हुई 34 साल की सत्ता, जानें इनसाइड स्टोरी
राजनीतिक रूप से, इस सीट पर लंबे समय तक वामपंथ का दबदबा रहा। माकपा (CPI-M) ने यहां कुल 9 बार जीत हासिल की है, लेकिन 2011 के ‘परिवर्तन’ के बाद से यहां का राजनीतिक रंग पूरी तरह हरा (TMC) हो गया है। 2011 और 2016 में यहाँ से दीपक कुमार हलदर ने टीएमसी के टिकट पर जीत दर्ज की थी।
अभिषेक बनर्जी ‘इफेक्ट’ बड़ा फैक्टर
डायमंड हार्बर में तृणमूल कांग्रेस की बढ़ती मजबूती का एक बड़ा श्रेय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को जाता है। वे 2014 से यहां के लोकसभा सांसद हैं और उनके नेतृत्व में इस विधानसभा क्षेत्र में पार्टी की बढ़त लगातार बढ़ी है।
2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान, डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी की बढ़त 1,04,167 वोटों के बड़े मार्जिन तक पहुंच गई थी। वर्तमान में, पन्नालाल हलदर यहां के विधायक हैं, जिन्होंने 2021 के चुनावों में भाजपा के टिकट पर लड़े दीपक कुमार हलदर को 16,996 वोटों से हराया था।
ढाई लाख से ज्यादा मतदाता तय करेंगे किस्मत
2024 के आंकड़ों के अनुसार, इस निर्वाचन क्षेत्र में कुल 2,65,214 पंजीकृत मतदाता हैं। यहां का चुनावी गणित काफी हद तक धार्मिक और जातीय समीकरणों पर निर्भर करता है। 2021 के आंकड़ों के मुताबिक, यहां मुस्लिम मतदाता 39.50 प्रतिशत हैं, जबकि अनुसूचित जाति की आबादी 20.19 प्रतिशत है।
यह क्षेत्र मुख्य रूप से ग्रामीण है, जहां केवल 21.18 प्रतिशत मतदाता शहरी इलाकों में रहते हैं। यहां मतदान का प्रतिशत हमेशा से ही काफी ऊंचा रहा है, जो 2021 में 88.40 प्रतिशत तक पहुंच गया था।
क्या भाजपा दे पाएगी सीधी टक्कर?
2026 के चुनावों में डायमंड हार्बर में सीधा मुकाबला TMC और भाजपा के बीच होने की उम्मीद है। पिछले कुछ वर्षों में माकपा का वोट बैंक तेजी से गिरा है। जहां 2016 में माकपा को 41.04 प्रतिशत वोट मिले थे, वहीं 2024 में यह घटकर महज 3.46 प्रतिशत रह गया।
यह भी पढ़ें: ममता की 15 साल की सबसे कठिन अग्निपरीक्षा: भ्रष्टाचार के आरोप, एंटी-इंकम्बेंसी और ‘दीदी’ का सुरक्षा कवच
इसके विपरीत, भाजपा मुख्य चुनौती बनकर उभरी है और उसने 2021 में 36 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल किए थे। हालांकि, वाम-कांग्रेस गठबंधन की अनुपस्थिति और अभिषेक बनर्जी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए, भाजपा के लिए इस ‘अजेय किले’ में दरार डालना एक बड़ी चुनौती होगी।
