ओवैसी के हिजाब वाली PM के बयान पर भड़के संत, रामभद्राचार्य बोले- '...दिवास्वप्न है, साड़ी वाली ही बनेगी पीएम'

Asaduddin Owaisi द्वारा सोलापुर में दिए गए 'हिजाब पहनने वाली बेटी के प्रधानमंत्री बनने' के बयान ने आध्यात्मिक और राजनीतिक जगत में हलचल पैदा कर दी है। देश के दो बड़े संतों में इसपर प्रतिक्रिया दी है।
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रामभद्राचार्य और देवकी नंदन ठाकुर, फोटो- सोशल मीडिया
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Hijab Controversy: असदुद्दीन ओवैसी के 'हिजाब वाली प्रधानमंत्री' के बयान पर देश के दो बड़े संतों, जगद्गुरु रामभद्राचार्य और देवकी नंदन ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। जानें हिजाब, तिलकधारी शासन और 'दिवास्वप्न' पर आधारित यह पूरी बहस क्या है।

एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा सोलापुर में दिए गए 'हिजाब पहनने वाली बेटी के प्रधानमंत्री बनने' के बयान ने आध्यात्मिक और राजनीतिक जगत में हलचल पैदा कर दी है। इस बयान पर प्रसिद्ध कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर और जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए भारत के भविष्य और सनातन राष्ट्र को लेकर अपनी-अपनी दृष्टि साझा की है।

देवकी नंदन ठाकुर: "पाकिस्तान और बांग्लादेश पर भी होगा भगवा राज"

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में आयोजित एक कथा के दौरान देवकी नंदन ठाकुर ने ओवैसी के दावों को खारिज करते हुए एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनका सपना केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि एक दिन तिलकधारी और भगवाधारी न केवल भारत में, बल्कि बांग्लादेश और पाकिस्तान में भी शासन करेंगे। उन्होंने सनातन परंपरा की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि हिंदू आस्था को कमजोर करने के प्रयासों के बावजूद सोमनाथ मंदिर आज भी खड़ा है और अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो चुका है। ठाकुर ने भविष्यवाणी की कि भविष्य में कृष्ण मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर भी बनेंगे और इस भूमि पर सनातन धर्म की ध्वजा पूरी शान से फहरेगी।

रामभद्राचार्य का तंज: "हिजाब वाली PM की बात केवल एक दिवास्वप्न है"

जयपुर में पत्रकारों से बात करते हुए जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने ओवैसी के बयान को 'दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि भारत में कोई महिला प्रधानमंत्री बनती है, तो वह साड़ी पहनने वाली महिला ही होगी। रामभद्राचार्य ने ओवैसी के दावों की आलोचना करते हुए देश के लोकतांत्रिक इतिहास का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि भारत ने अब्दुल कलाम को राष्ट्रपति और हामिद अंसारी को उपराष्ट्रपति बनाया, इसके बाद भी इस तरह के बयान देना गलत है। उन्होंने ओवैसी के सपने को केवल एक 'दिवास्वप्न' (दिन में देखा गया सपना) बताया।

हिंदू राष्ट्र की समयसीमा पर बहस: "कल नहीं, आज से शुरुआत"

देवकी नंदन ठाकुर ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान पर भी अपनी राय रखी, जिसमें उन्होंने 20-30 साल बाद भारत के हिंदू राष्ट्र घोषित होने की बात कही थी। ठाकुर का मानना है कि हिंदू राष्ट्र और सनातन राष्ट्र की रक्षा की मुहिम कल के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती; इसकी शुरुआत आज से ही करनी होगी। उन्होंने आह्वान किया कि सनातनियों को न केवल भारत में, बल्कि बांग्लादेश और इंग्लैंड जैसे देशों में भी सुरक्षित महसूस करना चाहिए।

क्या था ओवैसी का विवादित बयान?

महाराष्ट्र के सोलापुर की एक रैली में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि पाकिस्तान के संविधान में केवल एक धर्म विशेष के व्यक्ति के ही प्रधानमंत्री बनने का प्रावधान है, लेकिन बाबा साहब अंबेडकर का संविधान भारत के हर नागरिक को यह अधिकार देता है। उन्होंने कहा, "मेरा सपना है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बने"। इसी बयान के बाद संतों और धर्मगुरुओं की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

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